फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: गोरखपुर विश्वविद्यालय व संबद्ध महाविद्यालयों से स्नातक की पढ़ाई हुई महंगी, जानिए क्या है वजह

Tue, 19 Jul 2022 09:40 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

विश्वविद्यालय प्रशासन ने 500-500 रुपये के तीन नए शुल्क लेने के आदेश जारी किए हैं। यह शुल्क स्नातक के प्रथम, तृतीय व पांचवें सेमेस्टर में प्रवेश के दौरान लिया जाएगा। शैक्षिक सत्र 2022-23 से तीन नए शुल्क लेने का प्रस्ताव लाया गया था, जिस पर परीक्षा समिति ने अपनी मुहर लगा दी है।
विज्ञापन
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर और उससे संबद्ध महाविद्यालयों में स्नातक की पढ़ाई महंगी हो गई है। तीन सेमेस्टर का शुल्क दोगुना कर दिया गया है। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन शुल्क बढ़ोतरी को वैकल्पिक  बता रहा है। कहना है किकुछ कोर्स के लिए ही शुल्क देना है। इसके विपरीत शुल्क बढ़ोतरी का जो ढांचा बनाया गया है, वह सभी विद्यार्थियों पर लागू है।
विज्ञापन


विश्वविद्यालय प्रशासन ने 500-500 रुपये के तीन नए शुल्क लेने के आदेश जारी किए हैं। यह शुल्क स्नातक के प्रथम, तृतीय व पांचवें सेमेस्टर में प्रवेश के दौरान लिया जाएगा। शैक्षिक सत्र 2022-23 से तीन नए शुल्क लेने का प्रस्ताव लाया गया था, जिस पर परीक्षा समिति ने अपनी मुहर लगा दी है। प्रस्ताव के मुताबिक अब माइनर इलेक्टिव, को-करिकुलर और वोकेशनल मद में 500-500 रुपये लिए जाएंगे। पहले ये तीनों शुल्क नहीं लिए जाते थे।

 

महाविद्यालयों को छात्रों की संख्या घटने की आशंका

शुल्क दोगुना होने से विद्यार्थी व उनके अभिभावकों पर बोझ बढ़ेगा। 100 से ज्यादा महाविद्यालयों में पिछले साल ही छात्रों की संख्या घट गई थी। प्रबंधकों को आशंका है कि शुल्क बढ़ने के बाद छात्रों की संख्या और घट जाएगी। दो वर्ष पहले तीन महाविद्यालयों के प्रबंधकों ने आवेदन करके संबद्धता न करने की अपील की थी। उनका कहना था कि छात्र संख्या 50 भी नहीं है। अब संचालन कर पाना कठिन है।

महाविद्यालयों के व्हाट्सएप ग्रुप पर खूब हो रही चर्चा

सेमेस्टर शुल्क के बढ़ने पर महाविद्यालयों के व्हाट्सएप ग्रुप पर भी खूब चर्चा हो रही है। एक महाविद्यालय के प्रबंधक ने लिखा है कि ‘विश्वविद्यालय को यह भी अवश्य निर्धारित कर देना चाहिए कि इस बढ़े हुए शुल्क के आधार पर स्व वित्तपोषित कॉलेज प्रति छात्र कितना शुल्क लें और शिक्षकों को कितना वेतन दें। वहीं, एक प्रबंधक ने लिखा  कि कृपया मार्गदर्शन करें कि शासनादेश के अनुसार शुल्क 800 रुपये है, इसके अतिरिक्त अन्य शुल्क विश्वविद्यालय प्रशासन ले सकता है। एक अन्य प्रबंधक ने कहा कि यही हाल रहा तो महाविद्यालयों को बंद होने में देर नहीं लगेगी। मुख्यमंत्री से समय लेकर मिलना चाहिए।

 
विज्ञापन

बढ़ा शुल्क              पहले       अब
प्रथम सेमेस्टर          1,673       3,173
तृतीय सेमेस्टर         1,508       3,008
पांचवां सेमेस्टर        2,008       3,508


सिद्धार्थनगर विश्वविद्यालय के पैटर्न पर माइनर इलेक्टिव, को-करिकुलर और वोकेशनल कोर्स पर 500-500 रुपये शुल्क देना होगा। लेकिन, यह वैकल्पिक कोर्स हैं। सभी के लिए अनिवार्य नहीं है। इसमें 400 रुपये महाविद्यालय को दिया जाएगा और 100 रुपये विश्वविद्यालय के मद में आएगा।  - प्रो. राजेश सिंह, कुलपति गोविवि
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें