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कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल बोलीं- डिग्री सिर्फ कागज का टुकड़ा नहीं, इसमें छिपा है भविष्य

Tue, 09 Feb 2021 06:50 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

  • एमएमएमयूटी के पांचवें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को किया संबोधित
  • राज्य के विश्वविद्यालयों को सलाह, समन्वय बनाकर गांवों की समस्याओं पर शोध करें

 
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एमएमएमयूटी का पांचवा दीक्षांत समारोह। - फोटो : अमर उजाला।
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 प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि शिक्षा हमें आदर्श नागरिक बनाती है। डिग्री सिर्फ कागज का टुकड़ा नहीं है बल्कि इसमें आपका और देश का भविष्य है। आपने प्रौद्योगिकी में जो कुछ सीखा है उसका उपयोग समाज के लिए करिये। तभी आपकी पढ़ाई सार्थक होगी। इसके लिए गांवों में शोध की जरूरत है। वहां महिलाओं, बच्चों की समस्याओं को समझें और उसके समाधान का प्रयास करें।

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मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कर रहीं कुलाधिपति ने मंगलवार को दीक्षोपदेश के बाद 1191 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की। इस दौरान उन्होंने 16 टॉपरों को गोल्ड मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर उनका हौसला बढ़ाया।

कुलाधिपति ने तकनीकी ज्ञान के साथ ही संस्कार और चरित्र निर्माण वाली शिक्षा को जीवन का मूलमंत्र बताया। कुलाधिपति ने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों को अब आपस में समन्वय बनाकर छोटे-छोटे शोध करने की आवश्यकता है। ये शोध गांव के लोगों के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होंगे।
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छोटे-छोटे शोध के बाद ही हम बड़े निर्माण कर सकते हैं। इससे गांव और समाज आत्मनिर्भर बनेगा। प्रधानमंत्री की सोच भी यही है। ऐसा करके हम दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहेंगे। इसके लिए शोधार्थी के साथ ही अध्यापकों को भी संकल्प लेना होगा। हमें खुशी है कि एमएमएमयूटी ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है और शोधार्थी व शिक्षक पांच गांवों को गोद लेकर कृषि से लेकर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तकनीकी का प्रयोग कर रहे हैं।

नई शिक्षा नीति में भी यह बदलाव किया गया है। हर जिले की आवश्यकता भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार बदल जाती है। जो प्रदेश सरकार को 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम में बदलाव का अधिकार दिया गया है उसमें ऐसी ही जरूरतों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना है।
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