करीब 80 लाख रुपये की लागत से तैयार हुई लैब, कम्प्यूटर सिस्टम भी आए
पूर्वांचल के छात्रों को नवाचार और रोजगार से जोड़ना है इस लैब का उद्देश्य
गोरखपुर। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (नाइलिट) में पूर्वांचल के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का तकनीकी प्रशिक्षण मिल सकेगा। इसके लिए लैब बनकर तैयार हो गई है। अब इसके शुभारंभ का इंतजार है। उम्मीद की जा रही है जून महीने में ही इसका शुभारंभ हो सकता है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सत्र 2025-26 के बजट में देश भर में 500 एआई लैब खोले जाने का प्रावधान किया था। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से नाइलिट डीम्ड यूनिवर्सिटी के देश भर के कुल 27 कैंपस को भी चुना गया था। कुल 14.63 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत कर दिया गया था। गोरखपुर कैंपस में एआई के लिए करीब 80 लाख रुपये अनुमानित लागत थी।
नाइलिट की लैब में दो वर्क स्टेशन स्थापित किए गए हैं। इसमें बड़े डेटा के संग्रहण और प्रोसेसर स्पीड तेज किए जाने के लिए 12 जीबी का जीपीयू लगा है। इसके अलावा 18 कम्प्यूटर सिस्टम भी लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि देश भर के नाइलिट कैंपस का उद्घाटन एक ही दिन ऑनलाइन हो सकता है।
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तीन जोन में बांटी गई लैब
एआई लैब को तीन जोन में बांटा गया है। इनमें लर्निंग जोन, डेवलपमेंट जोन और कोलैबोरेशन जोन शामिल हैं। ये सभी जोन अलग-अलग काम करेंगे। इसमें रिसर्च का कार्य भी किया जा रहा है।
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इन छात्रों को मिलेगा लाभ
लैब में शुरुआत में कक्षा 12वीं, आईटीआई और पॉलिटेक्निक के छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। बाद में यूजी और पीजी छात्रों को जोड़ने की योजना है। शामिल होंगे।
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12 तरह के पाठ्यक्रमों का होगा संचालन
इंडिया एआई मिशन के तहत संचालित इस लैब में कुल 12 तरह के पाठ्यक्रमों का संचालन होगा। ये 30 घंटे से लेकर 120 घंटे तक के होंगे। ये फाउंडेशन और डेटा साइंस के रूप में विभाजित किए जाएंगे।
कोट
नाइलिट के गोरखपुर कैंपस में एआई लैब बनकर करीब तैयार हो गई है। जल्द ही इसका शुभारंभ होगा। इसके बाद इसका लाभ पूर्वांचल की मेधाओं को मिल सकेगा।
रीतेश प्रताप राव, जन संपर्क अधिकारी, नाइलिट