गोरखपुर चिड़ियाघर में इस साल लखनऊ से इजरायली जेब्रा, कानपुर व झारखंड से हिमालयी काले भालू, असम से गैंडा व सक्करबाग से भेड़िया लाए जाएंगे। इनके आने से चिड़ियाघर के खाली बाड़े भी भर जाएंगे।
चिड़ियाघर में अक्तूबर से ही गैंडा लाए जाने की तैयारी चल रही है, लेकिन इनके बाड़े तैयार नहीं होने से मामला रुक गया था। अब बाड़ा बनकर पूरी तरह तैयार हो गया है। मड बाथ (कीचड़ स्नान) के लिए बनाए गए तालाब में पानी भरकर उसका परीक्षण भी हो चुका है। जैसे ही असम चिड़ियाघर से अनुमति मिलेगी, टीम यहां से रवाना होगी।
दरअसल, चिड़ियाघर के स्थापना के समय ही असम से दो गैंडे भेजे जाने के लिए स्वीकृति मिली थी, लेकिन बीते मई में असम के मुख्यमंत्री बदल गए। ऐसे में दो माह पूर्व रिमाइंडर के लिए उनके पास फाइल भेजी गई है। चिड़ियाघर का मानना है कि गैंडे को लेकर स्वीकृति पहले से मिल चुकी है, इससे जल्द असम से बुलावा आ जाएगा।
वहीं, माह भर पहले इजराइल से पांच जेब्रा लखनऊ चिड़ियाघर लाए जा चुके हैं। चिड़ियाघर का कहना है कि मई-जून तक यहां से टीम लखनऊ जेब्रा लाने जाएगी। गुजरात के सक्करबाग प्राणि उद्यान से भेड़िए, कानपुर से शेर व झारखंड से हिमालयी काला भालू भी जून तक लाए जाएंगे।
निदेशक एच राजामोहन ने बताया कि इन वन्य जीवों के आने से लोग पहले से अधिक मनोरंजन कर सकेंगे। हमारा प्रयास है कि जल्द इन्हें ला दिया जाए।