गोरखपुर में ठंड के मौसम में कुछ इस तरह दिखे लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में करीब एक पखवाड़े से जारी ठंड का सितम सोमवार को भी बरकरार रहा। पूरे दिन धूप नहीं निकली। करीब 14 किलोमीटर की रफ्तार से पछुआ हवा चलती रही। इस कारण पूरे दिन गलन बनी रही।
शनिवार रात से आकाश कुछ साफ हो गया, लेकिन रविवार सुबह फिर बादल छा गए। बादल छाने से न्यूनतम तापमान करीब तीन डिग्री चढ़कर 12 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। दिन चढ़ने के साथ बादल थोड़ा छंट गए। कुछ देर के लिए धूप भी निकली।
रविवार की छुट्टी होने की वजह से कई लोगों ने पार्कों का रुख किया। बच्चों ने झूलों का आनंद उठाया। लेकिन, फिर बादल छा गए और पछुआ हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सोमवार को भी हल्के बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 17 से 18 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।
करीब 10 दिन आगे खिसका मौसम
सामान्य तौर पर मकर संक्रांति से पहले कड़ाके की ठंड पड़ती है। इसके बाद पारा चढ़ने लगता है। आकाश साफ होता है और चटक धूप निकलने लगती है। लेकिन, कुछ वर्षों से मौसम का यह ट्रेंड बदल गया है। मकर संक्रांति तक मौसम साफ बना रहता है। इसके बाद कड़ाके की ठंड पड़ने लगती है। इस बार भी मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही है।
मकर संक्रांति के बाद से न सिर्फ कड़ाके की ठंड पड़ रही है, बल्कि घने कोहरे के साथ बूंदाबांदी भी हो रही है। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय के अनुसार मौसम का चक्र 10 से 15 दिन आगे खिसक गया है। वहीं, इस बार ठंड पिछली बार की तुलना में ज्यादा दिनों तक पड़ने की संभावना है। शीतलहर की तुलना में शीतदिन की संभावना जताई गई है।