नए साल पर शहरवासियों को शहर के दूसरे बड़े अति आधुनिक सुविधाओं वाले प्रेक्षागृह का तोहफा मिल जाएगा। रेलवे महाप्रबंधक कार्यालय के पीछे 500 लोगों की क्षमता वाले इस प्रेक्षागृह का भवन तैयार हो गया है, अब सुंदरीकरण का कार्य चल रहा है। रेल प्रशासन ने 31 दिसंबर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।
रेलवे की ओर से वर्ष भर में कई बड़े सांस्कृतिक आयोजन कराए जाते हैं। इसमें रेलवे स्काउट एंड गाइड का महाशिवराग्नि कार्यक्रम प्रमुख है। इसके अलावा, रेलवे के रंगमंच कलाकारों की टीम को प्रैक्टिस करने के लिए कोई जगह नहीं है। बड़े आयोजन सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम में ही कराने पड़ते हैं।
खुले में आयोजन कराने पर साज-सज्जा, पंडाल, कुर्सी आदि की व्यवस्था में भी काफी खर्च होता है। प्रेक्षागृह बन जाने से कलाकारों को काफी सहूलियत होगी और रेलवे के धन की भी बचत होगी। भविष्य में प्रेक्षागृह को सांस्कृतिक आयोजनों के लिए किराए पर भी देने की योजना है। इससे रेलवे प्रशासन की अतिरिक्त आय भी होगी, इससे मेंटेनेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
सामने का हिस्सा होगा बेहद आकर्षक
प्रेक्षागृह के सामने का हिस्सा बेहद आकर्षक होगा। खास बात यह है कि परिसर में चारों तरफ हरियाली के लिए पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। इसे तैयार करने में करीब 11 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
ये सुविधाएं होंगी
बड़ा हॉल, एक छोटा डायनिंग हॉल, किचन, आकर्षक लाइटें, पार्किंग स्थल, आधुनिक शौचालय, हरियाली, गैलरी आदि।
पूर्वोत्तर रेलवे मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि प्रेक्षागृह का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके बन जाने से जहां एक ओर रेलवे के कार्यक्रम, सेमिनार, रेलवे सप्ताह पुरस्कार समारोह इत्यादि कार्यक्रम हो सकेंगे वहीं दूसरी ओर कला समिति के सदस्यों तथा रंगकर्मियों को अभ्यास के लिए एक बेहतर व्यवस्था होगी। इस प्रेक्षागृह में अति आधुनिक सुविधाओं को समावेश किया गया है।