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पड़ताल: सीएम से पीएम सिटी की राह में बड़े हिचकोले, साढ़े छह साल में भी नहीं बन पाई गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन सड़क

Thu, 16 Mar 2023 04:35 PM IST
vivek shukla राजन राय, गोरखपुर।

सार

एनएचएआई परियोजना निदेशक भवेश अग्रवाल ने कहा कि खराब गुणवत्ता और काम को समय से पूरा नहीं करने पर कार्यदायी संस्था जेपी इंस्फ्रास्ट्रक्चर को नोटिस दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि मई तक काम पूरा नहीं हुआ तो जुर्माना के लिए संस्तुति की जाएगी।
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गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरक्षनगरी से बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी तक जाने के लिए तमाम जगहों पर हिचकोले खाने पड़ते हैं। तकरीबन साढ़े छह वर्ष बाद भी यह फोरलेन सड़क पूरी नहीं हो सकी है। यह हाल तब है, जबकि सीएम योगी समय पर कार्य कराने के लिए अधिकारियों को कई बार फटकार लगा चुके हैं। यही नहीं, इस सड़क के निर्माण की निगरानी पीएमओ से भी हो रही है। इसके बावजूद कार्यदायी संस्था अपनी मर्जी से कार्य कर रही है।

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सीएम सिटी से पीएम सिटी तक बनने वाली फोरलेन सड़क की आधारशिला 16 अक्तूबर 2016 को रखी गई थी। 13 मार्च 2023 को एक कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने फोरलेन को मई तक पूरा करने की घोषणा की है, लेकिन काम की रफ्तार को देखकर यह मुमकिन नहीं लगता। जो सड़क बनी भी है, उसमें कई तरह की खामियां हैं। गोरखपुर से कौड़ीराम तक सड़क कई जगह धंस गई है। साइड लेन बनी नहीं है। ऊबड-खाबड़ होने के चलते इस पर फर्राटे भरना सपना ही है। धूल के गुबार के बीच ही चलना पड़ता है।

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बाघागाड़ा के सौ मीटर आगे बढ़ने पर सड़क की दाईं लेन को रोक दिया गया है। यहां पर धंसने के बाद सड़क को खोद तो दिया गया, लेकिन बनाया नहीं गया। इसी प्रकार चनऊ गांव के पास दो जगह सड़क टूटी पड़ी है। गांव के राकेश कुमार ने बताया कि एक माह पहले सड़क खोदी गई है। कुछ दूरी तक बनाने के बाद छोड़ दिया गया। गांव के सामने सड़क को बनाया ही नहीं। गांव से निकलने वाले लोग रात में फिसल कर चोटिल हो रहे हैं।
 

बेलीपार में अंडरपास व सर्विस लेन नहीं बनी

महावीर छपरा के ककराखोर ढाबे पर अधूरा पड़ा सर्विस लेन। - फोटो : अमर उजाला।
बेलीपार बाजार में अंडरपास और दोनों तरफ की सर्विस लेन को बनाया ही नहीं गया है। कुछ दूरी तक गिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है। फोरलेन से साइड लेन पर आने-जाने वाली सड़क नहीं बनने से बेलीपार, भीटी, देवकली धनसही, बेला, करंजही, कतरारी, सोनवापार, बेनुआटिकर, विस्टौली, पैकोली, कटया सहित कई गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

बाजार की दुकानों की स्थिति खराब है। धंधा चौपट हो गया है। सड़क ठीक नहीं होने के चलते ग्राहक कम आते हैं। दुकानें मिट्टी से पट जा रही हैं। जगह-जगह नाली बनाकर छोड़ दी गई है। इस कारण घरों से पानी निकलकर सड़क पर फैल रहा है।



बोले क्षेत्र के लोग
चनऊ गांव रिक्खी यादव ने कहा कि सड़क की गुणवत्ता इतनी खराब है कि गांव के सामने करीब 50 मीटर सड़क धंसने लगी थी। इसके बाद सड़क को उखाड़ा गया। अब आधी सड़क बना दी गई और आधे हिस्से को छोड़ दिया गया है। गांव से निकलकर जाने वाले लोग रात में अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं।

कलानी खुर्द हवलदार सिंह ने कहा कि मैंने इतनी घटिया सड़क कहीं नहीं देखी, जो बनते ही टूटने लगे। जगह-जगह ऊबड़-खाबड़ होने से चलने में भी दिक्कत होती है। हमेशा दुर्घटनाएं होती रहती हैं। सड़क के किनारे पौधे लगाने थे, जोकि नहीं लगाए गए। केवल मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है।
 
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गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन। - फोटो : अमर उजाला।
महाबीर छपरा शिव प्रकाश शाही ने कहा कि बाघागाड़ा फोरलेन से लेकर महावीर छपरा चौराहे तक कभी गाड़ियों का आवागमन नहीं हो सका है। अधूरे कार्यों के वजह से आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। हम लोग कई साल से इस सड़क के पूरा होने की राह जोह रहे हैं। फोरलेन पूरा हो जाए तो सफर आसान हो जाएगा।

महाबीर छपरा अभय प्रताप सिंह ने कहा कि छह साल पहले जब सड़क बननी शुरू हुई तो बहुत खुशी हुई थी। जब सड़क बनी तो उसकी गुणवत्ता खराब है। अधूरे काम से लोगों को बहुत दिक्कतें हो रही हैं। इस पर बाइक से भी चलना मुश्किल है। धूल-मिट्टी के कारण आदमी परेशान हो जाता है।

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कटया अनिल पांडेय ने कहा कि जब सड़क बन रही थी, तभी लोगों ने अधिकारियों से शिकायत की थी। स्थानीय सांसद से भी कहा गया, लेकिन काम में तेजी नहीं आई। दुकानदारों की स्थिति बहुत दयनीय हो गई है। जिस जगह पर दुकान के सामने अंडरपास बना है वहां आने-जाने का रास्ता ही नहीं है।
 
एनएचएआई परियोजना निदेशक भवेश अग्रवाल ने कहा कि खराब गुणवत्ता और काम को समय से पूरा नहीं करने पर कार्यदायी संस्था जेपी इंस्फ्रास्ट्रक्चर को नोटिस दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि मई तक काम पूरा नहीं हुआ तो जुर्माना के लिए संस्तुति की जाएगी।

 
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