शाेध कार्य ऑनलाइन मिलने पर संबंधित शिक्षक को निर्धारित समय सीमा में उसे निस्तारित करना होगा। समय सीमा समाप्त होते ही सह निर्देशक के पास वह शोध कार्य चला जाएगा। जिसका मैसेज उन्हें ऑनलाइन ही मिल जाएगा। शोध कार्य भेजने के बाद शोधार्थी ऑनलाइन ही अपने फाइल की मूवमेंट भी देख सकेंगे। इससे अब कार्यालयों में फाइल दबने की गुंजाइश भी खत्म हो जाएगी।
थिसिस जमा करने के छह माल में मिलेगा पीएचडी अवार्ड
शोधार्थियों की ओर से अपना थीसिस जमा करने के बाद छह महीने में पीएचडी अवार्ड हो जाएगी। इसके लिए भी जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। सुनिश्चित किया जाएगा कि हर हाल में थीसिस जमा होने के बाद की जरूरी औपचारिकताएं छह महीने के अंदर पूरी कर ली जाएं। शोधार्थियों की थीसिस के लिए जो परीक्षक नियुक्त किए जाएंगे, उन्हें दो महीने में परीक्षण कार्य पूर्ण करना होगा। यदि वे ऐसा नहीं करते तो स्वत: परीक्षक बदल दिया जाएगा।
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गोविवि कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में पेपरलेस कार्य पर जोर दिया जा रहा है। इसकी शुरूआत शोध कार्य से की जा रही है। विवि में शोध कार्य पेपरलेस किया जाएगा। इसके लिए आरडीसी का अलग पोर्टल विकसित किया जाएगा। शोधार्थी अपना थीसिस ऑनलाइन ही पूरा करेंगे। सुनिश्चित किया जाएगा कि थीसिस जमा करने के छह माह के अंदर हर हाल में पीएचडी अवार्ड हो।