गोरक्षनाथ शोधपीठ की लाइब्रेरी का शुभारंभ कुलपति प्रो. पूनम टंडन
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में संचालित महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ की लाइब्रेरी का शुभारंभ सोमवार को कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने किया। इसी के साथ अंग्रेजी तथा हिंदी भाषाओं की नाथ पंथ से संबंधित लगभग दो हजार से अधिक पुस्तकें आमजन व शोधकर्ताओं के लिए शोधपीठ की लाइब्रेरी में उपलब्ध हो गई हैं। उद्घाटन के साथ ही लाइब्रेरी को आमजन और शोधकर्ताओं के लिए खोल दिया गया।
नवनिर्मित गोरक्षनाथ शोधपीठ भवन के प्रथम तल स्थित इस लाइब्रेरी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं तथा आम जनमानस को नाथपंथ से जुड़ी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना है। पूर्व में कुलपति प्रो. टंडन ने शोधपीठ के अपने निरीक्षण के दौरान लाइब्रेरी को आमजन के लिए खोलने के लिए कहा था।
शोधपीठ के उपनिदेशक डाॅ. कुशलनाथ मिश्रा ने कहा कि कुलपति के दिशा-निर्देश के अनुसार वर्तमान में उपलब्ध इन पुस्तकों के अलावा देश-विदेश में नाथपंथ से संबंधित हुए शोध तथा पुस्तकों की एक अन्य सूची तैयार हो गई है, जो शीघ्र ही लाइब्रेरी में उपलब्ध हो जाएगी। इस अवसर पर कुलपति ने नाथपंथ पर संग्रहालय के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इस दौरान शिक्षा संकाय की संकायाध्यक्ष प्रो. शोभा गौड़, उपनिदेशक डाॅ. कुशल नाथ मिश्रा, डाॅ. सोनम सिंह, डाॅ. बिभाष मिश्रा, डाॅ. मनोज द्विवेदी, डॉ. महेंद्र कुमार सिंह एवं डाॅ. दीपेंद्र मोहन सिंह समेत शोधार्थी मौजूद रहे।