दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के सत्र-2022 में स्नातक और परास्नातक उत्तीर्ण करने वाले 82,785 छात्र-छात्राओं को सवा साल बाद भी डिग्री नहीं मिल सकी है। किसी प्रकार विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की करीब 7500 डिग्रियां तो छपकर आ गईं लेकिन वितरण नहीं हो सका है। विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज के विद्यार्थी अब भी डिग्री के लिए चक्कर लगा रहे हैं। गोविवि में सत्र-2023 के दीक्षांत की घोषणा के साथ ही पिछले वर्ष के विद्यार्थियों का दर्द छलक उठा।
गोविवि में सत्र-2022 का दीक्षांत समारोह 28 जून 2023 को हुआ था। तब बताया गया था कि कुल 82,831 छात्र-छात्राओं ने स्नातक और परास्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की है। दीक्षांत के मंच से सत्र-2022 के कुल 46 टॉपर्स को स्वर्ण पदक दिया गया था। मंच से ही तत्कालीन कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा था कि शेष विद्यार्थियों को दस दिन में डिग्री उपलब्ध करा दी जाएगी।
बताते हैं कि करीब आधी से अधिक डिग्रियां जुलाई महीने में छप भी गई थीं लेकिन उनमें ‘नैक ए प्लस प्लस 3:78 सीजीपीए’ प्रिंट नहीं था। इसे देखते हुए उन सभी डिग्रियों को वापस कर नए सिरे से छापने के निर्देश एजेंसी को दिए गए। उसके बाद विद्यार्थी डिग्री के लिए चक्कर लगाते रहे लेकिन कहीं उनकी सुनवाई नहीं हुई।