दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल अतिथि।
- फोटो : अमर उजाला।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का 40वां दीक्षांत समारोह बुधवार यानी आज सुबह 10 बजे से शुरू हुआ। इस दौरान कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि लोक शिक्षक के रूप में राज्यपाल की मान्यता है। उन्हें कई पुरस्कार मिले हैं।
कुलपति ने कहा कि ग्लोबल और लोकल के बीच समन्वय स्थापित करना मेरा उद्देश्य रहा है। गोरखनाथ पीठ, और अन्य गतिविधियों से यूनिवर्सिटी को वैश्विक रूप प्रदान किया गया है। यूनिवर्सिटी में पूर्वांचल के विकास पर विशेष रूप से काम किया जा रहा है। दीनदयाल उपाध्याय के ऊपर पाठ्यक्रम सभी के लिए अनिवार्य है। नाथ पीठ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का प्रयास है। गुरु गम्भीर नाथ पीठ में जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
उन्होंने कहा कि 40 कोर्स छात्रों को रोजगार के लिए किए जा रहे हैं। यूनिवर्सिटी को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास चल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा सदस्य शिव प्रताप शुक्ला की निधि से हॉस्टल की स्थापना की गई है। इलेक्शन स्टड ई के लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से कोलेब्रेशन किया है। 8 देश के 65 बच्चों ने यूनिवर्सिटी में प्रवेश लिया है।
कुलपति ने कहा कि पूर्वांचल की मेधा के लिए स्टार्टअप की व्यवस्था की जा रही है। 5 रुपये में नाश्ता और 10 रुपये में भोजन उपलब्ध कराने के लिए योजना के लिए बेंगलुरु की संस्था से अनुबंध किया गया है।