कुलसचिव प्रो. शांतनु रस्तोगी ने बताया कि सुपर-100 में शामिल एक-एक छात्र का रिव्यू होगा। यह भी देखा जाएगा कि उन्होंने खेल गतिविधियों में सभी क्राइटेरिया पूरी की है या नहीं। सभी खिलाड़ियों का ट्रायल वार्षिक आधार पर किए जाने का प्रावधान है।
इसे भी पढ़ें: स्टैंड तय...वाराणसी-लखनऊ की निजी बसें भी होंगी गोरखपुर शहर से बाहर
यह है मामला
गोविवि में ‘सुपर 100’ योजना को नवंबर 2020 में कार्य परिषद से मंजूरी मिली थी। सत्र 2021-22 में इसकी शुरुआत हुई थी। दो सत्रों के कुल 22 छात्रों को फेलोशिप के तहत फीस, छात्रावास, भोजन (250 रुपये प्रति दिन), किट आदि नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा था। इस पूरी योजना में अब तक करीब एक करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। जबकि एक मात्र कांस्य पदक खो-खो टीम ने जीता है। मामला संज्ञान में आने के बाद कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने जांच का आदेश दिया है।