गोरखपुर विश्वविद्यालय के विज्ञान विभाग के विद्यार्थियों का कहना है कि गोविवि को नैक में ए प्लस प्लस ग्रेड मिलने से बहुत सारी व्यवस्थाओं में सुधार आया है। लेकिन, शौचालयों की स्वच्छता और विभागीय कैंटीन हो जाए तो बात बने।
अमर उजाला ने गोविवि के मजीठिया भवन, रसायन विभाग और जीव विज्ञान विभाग की पड़ताल की तो विद्यार्थियों ने विभाग में सीसीटीवी कैमरे, स्वच्छ शौचालय व लैब में नए उपकरणों की जरूरत बताई।
बताया कि भीषण गर्मी है, लेकिन विभाग में केवल एक ही वाटर कूलर है। कक्षा में स्मार्ट बोर्ड तो लग गए, लेकिन बिजली की उचित व्यवस्था नहीं है। जब डिजिटल कक्षाएं चलती हैं तो बिजली कटने से बाधा उत्पन्न होती है। कक्षाओं में पर्याप्त रोशनी नहीं होने की बात भी सामने आई।
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छात्रों ने बताया कि बीते महीने विभाग से मोबाइल फोन व साइकिल की चोरी हो चुकी है जिसका अभी तक कोई पता नहीं लग सका है। ऐसे में सीसीटीवी कैमरा अत्यधिक आवश्यक है। छात्रों ने समय पर रिजल्ट जारी न होने की समस्या को भी साझा किया।
कुछ विद्यार्थियों का कहना था कि विभाग में शौचालय का निर्माण तो ठीक ढंग से किया गया है, लेकिन इसकी सफाई पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जाता। दुर्गंध के कारण इसका इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है। बताया कि परिसर के बीचों-बीच गार्डन एरिया है। अगर उसकी सफाई पर ध्यान देकर और पौधे लगाकर विकसित कर दिया जाए तो खुले आसमान में छात्रों के उठने-बैठने की व्यवस्था मुकम्मल हो जाएगी।
विभाग की अपनी कोई कैंटीन नहीं है। परिसर में वाई-फाई की व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं है और न ही डिजिटल लाइब्रेरी जैसी कोई चीज। छात्राओं के लिए सैनिटरी पैड बैंक तो लगा है लेकिन वह काम नहीं करता है।