गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की बची हुई परीक्षाएं सितंबर के पहले सप्ताह से कराई जाएंगी। परीक्षा विभाग शेड्यूल तैयार करने में जुट गया है। प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को, अब तक हो चुकी परीक्षा के औसत अंक के आधार पर ही प्रोन्नत किया जाएगा। साथ ही प्रैक्टिकल में सभी को अर्जित अंक या न्यूनतम उर्त्तीणांक देकर अगली कक्षा में भेजा जाएगा।
प्रशासनिक भवन में बुधवार को परीक्षा और प्रोन्नत को लेकर बनी समिति की बैठक में ज्यादातर बिंदुओं पर कार्ययोजना तैयार कर ली गई। बृहस्पतिवार को भी कुछ बिंदुओं पर विचार-विमर्श के लिए बैठक बुलाई गई है। करीब ढाई घंटे चली बैठक में समिति के सदस्यों को शासन के निर्देशों को पढ़कर सुनाया गया। इसी अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा हुई।
सबसे पहले विधि और शिक्षाशास्त्र विभाग की ओर से प्रस्ताव उपलब्ध कराए गए। दोनों ही विभागों ने पूर्व के प्रस्तावों पर ही सहमति जताई है। परीक्षा शुरू कराने को लेकर 27 अगस्त से पांच सितंबर के बीच की तिथियों का प्रस्ताव आया। आम सहमति बनी कि सितंबर के पहले सप्ताह से ही परीक्षा कराना उचित होगा, क्योंकि शासन की गाइडलाइन भी इसी तरह की है।
ज्यादातर बिंदुओं पर फार्मूला तैयार कर लिया गया है। कुछ बिंदुओं पर अभी चर्चा होगी, जिसके लिए बैठक बुलाई गई है। कार्ययोजना तैयार होने के बाद शासन को भेजी जाएगी, शासन की अनुमति मिलने के बाद उसे घोषित किया जाएगा।
-डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक