गोरखपुर जिले के ग्रीन सिटी मोहल्ले के लोगों को बरसात में होने वाले जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन से 33 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गोरखनाथ मंदिर के अगल-बगल एवं पीछे की कॉलोनियों से भी जलभराव की समस्या दूर होगी।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) इसका प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसी क्रम में बुधवार को जीडीए के अधिशासी अभियंता किशन सिंह एवं नगर निगम के जोनल अधिकारी/सहायक नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने रसूलपुर, अंधियारीबाग आदि मोहल्लों का निरीक्षण कर उपायों पर चर्चा की। बरसात के समय ग्रीन सिटी, रसूलपुर, अजयनगर, अंधियारीबाग, सुभाषचंद्र बोस नगर, सूरजकुंड एवं सिधारीपुर आदि मोहल्लों में जलभराव हो जाता है।
पिछली बारिश में हालात काफी खराब हो गए थे। ग्रीन सिटी से जलभराव खत्म करने के लिए तैयार विस्तृत कार्ययोजना को शासन से सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। इसी क्रम में जीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर अधिशासी अभियंता किशन सिंह, रसूलपुर, सूरजकुंड सहित आधा दर्जन मोहल्लों में जलनिकासी की कार्ययोजना बना रहे हैं।
बुधवार को उन्होंने नगर निगम के जोनल अधिकारी, पुराना गोरखपुर एवं अंधियारीबाग के पार्षदों के साथ इन मोहल्लों का निरीक्षण कर जलभराव वाले क्षेत्रों को भी देखा। बताया कि ग्रीन सिटी की तरह यहां भी अंडरग्राउंड नालियां बनाई जाएंगी। सुभाषचंद्र बोस नगर एवं बसियाडीह में संचालित पंपिंग स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
उपाध्यक्ष जीडीए प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि ग्रीन सिटी में जलनिकासी की विस्तृत कार्ययोजना को शासन से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। अब रसूलपुर, सूरजकुंड, अजय नगर, सुभाषचंद्र बोस नगर, अंधियारीबाग आदि मोहल्लों से जलनिकासी के लिए भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जीडीए यह कार्ययोजना जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएगा। जिला प्रशासन द्वारा इसे शासन के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।