फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर पुलिस की कामयाबी: व्हाट्सएप ग्रुप की सूचना से बदमाशों पर नकेल, इन मामलों में मिली मदद

Thu, 13 Jan 2022 12:34 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

जिले के हर थाने का व्हाट्सएप ग्रुप बना है, जिसमें प्रधान, व्यापारी और संभ्रात लोगों को शामिल किया गया है। यही वजह है कि गगहा व गोरखनाथ में मारपीट के मामलों में इसी ग्रुप से मदद मिली थी।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर पुलिस का व्हाट्सएप ग्रुप अपने उद्देश्यों पर पूरी तरह खरा उतर रहा है। आम लोगों को जोड़कर ग्रुप की मदद से बदमाशों पर पुलिस नकेल कसने में पूरी तरह से कामयाब हुई है। हाल के दिनों में दो ऐसे बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें सोशल मीडिया की मदद से पुलिस को सड़क पर खुली गुंडई की ना सिर्फ जानकारी हो पाई, बल्कि चंद मिनटों में ही घटना में शामिल आरोपियों की गर्दन भी दबोच ली गई।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, एसएसपी रहे जोगेंद्र कुमार ने थाने का व्हाट्सएप ग्रुप बनाने की पहल की थी। जिसके बाद एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने इसे और प्रभावी बनाया। इस बीच एडीजी अखिल कुमार ने बीट सिपाही के अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनवाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को इससे जोड़ने का काम किया। पुलिस की लगातार कोशिश है कि इससे और मजबूत किया जाए।
 

ऐसे संचालित होता है ग्रुप

हर थाने का अपना व्हाट्सएप ग्रुप है। इसके एडमिन खुद थानेदार होते हैं। बीट सिपाही अपने-अपने इलाके के संभ्रात लोग, व्यापारी, जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, शहर में सभासद को इस ग्रुप में जोड़े हुए हैं, ताकि उन्हें हर घटना के बारे में जानकारी मिल सके। आमतौर पर कोई भी घटना गांव में होती है तो प्रधान को इसकी जानकारी जरूर मिलती है और फिर वे ग्रुप पर पोस्ट करते हैं और फिर पुलिस को जानकारी हो जाती है। इसी तरह आम आदमी भी थाने के नंबर के व्हाट्सएप नंबर पर अपना संदेश भेज सकता है।

विज्ञापन

 

अधिकारी करते हैं मानीटरिंग

एडीजी, डीआईजी, एसएसपी हों या फिर एसपी नार्थ, एसपी साउथ, सीओ सभी का सरकारी नंबर पर व्हाट्सएप ग्रुप चलता है, जिनकी मानीटरिंग वह खुद करते हैं। यहां तक की इस ग्रुप पर आने वाली सूचनाओं पर कार्रवाई के साथ ही सभी के यहां इसका अलग से रजिस्टर बना है, जिसमें शिकायत और की गई कार्रवाई का ब्यौरा होता है।
 

केस एक

8 जनवरी को गोरखनाथ इलाके के हड़हवा फाटक के पास आयुष चौधरी नाम के एक युवक को बेरहमी से पीटे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर आया था। इस वीडियो को एक व्यापारी ने गोरखनाथ थाने के व्हाट्सएप ग्रुप पर डाल दिया था जिसके बाद पुलिस ने तत्काल केस दर्ज कर, अगले ही दिन छह आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

केस दो

11 जनवरी को गगहा इलाके के जगदीशपुर भलुआन गांव में एक युवक की पिटाई करने का वीडियो वायरल हुआ। एक जनप्रतिनिधि ने इसे थाने के व्हाट्सएप ग्रुप पर डाल दिया। इसके बाद थानेदार ने इसका संज्ञान लिया। इस बीच किसी ने  एसएसपी को भी इस व्यक्तिगत तौर पर भेज दिया था। एसएसपी के आदेश पर केस दर्ज कर दो आरोपी दबोच लिए गए।
 
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि थाने के व्हाट्सएप ग्रुप में अधिकारी भी शामिल हैं। उसकी लगातार निगरानी की जाती है। इसके साथ ही व्यक्तिगत व्हाट्सएप ग्रुप पर भी निगाह रखी जाती है। तत्काल लोगों की मदद के लिए पुलिस काम करती है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें