पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुलिस लाइंस में जहां वर्तमान समय में लगभग 6 से 7 हजार पुलिसकर्मी हैं, वहीं आवासों की संख्या महज 700 है।
चार जर्जर आवासों को खाली कराया गया है
जानकारी के मुताबिक, चार जर्जर आवासों को खाली कराया गया है। टाइप तीन के तीन व टाइप दो के एक आवास में रहने वाले एक दीवान व अन्य सिपाहियों के परिवारों को दूसरे जगह भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार, आवास खाली करने वाले पुलिसकर्मियों में तीन का तबादला गैर जनपद हो गया जबकि एक ने पादरी बाजार में अपना निजी मकान बनवा लिया।
इतने कम पैसे में कैसे हो मरम्मत
आवासों की मरम्मत न हो पाने की एक वजह धन की कमी भी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अगर दस मकानों की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा जाता है तो इंजीनियर सर्वे कर रिपोर्ट देता है। जिसके बाद पुलिस लाइंस में मरम्मत के लिए रकम आती है, जो कि बाद में कम पड़ जाती है। वजह यह है कि किसी मकान में काम ज्यादा होता है किसी में कम।
जानकारी के अनुसार, एक सप्ताह पहले ही पुलिस लाइंस स्थित विजलेंस कार्यालय का छज्जा गिर गया था। तब पुलिसकर्मी बालबाल बचे थे। वहीं एक और आवास का प्लास्टर गिर गया था। कई मकानों के दरवाजे, खिड़कियां उखड़ चुकी हैं। इससे पहले भी कई बार प्लास्टर, छज्जा गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
पुलिस लाइंस के आरआई उमेश दूबे ने बताया कि समय समय पर आवासों की मरम्मत कराई जाती है। कई बार फंड कम पड़ जाता है। चार आवासों को खाली कराया जा चुका है। 12 आवासों को निष्प्रयोज्य घोषित करने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। पत्राचार किया जा रहा है कि जल्द से जल्द इसे निष्प्रयोज्य घोषित कराकर निर्माण शुरू कराया जा सके।
एसएसपी जोगिंदर कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं था। प्रस्ताव भेजा गया है तो जर्जर आवासों को निष्प्रयोज्य घोषित कराकर नए आवासों का निर्माण शुरू कराया जाएगा। संबंधित विभाग को पत्र भेजा जाएगा। साथ ही जिन आवासों की मरम्मत की जरूरत है, उनकी मरम्मत कराई जाएगी। पैसे की कमी नहीं होने दी जाएगी।
आरआई उमेश दूबे के मुताबिक, जल्द ही पुलिसकर्मियों को कुछ नए आवासों का तोहफा मिलेगा। उन्होंने बताया कि पुलिस लाइंस में 250 क्षमता वाली बैरक बनकर तैयार हो गई है। जल्दी ही उसे आवंटित किया जाएगा। वहीं महिला पुलिसकर्मियों के लिए चार मंजिला भवन व पुरूष पुलिसकर्मियों के लिए बन रही आठ मंजिला भवन का निर्माण अंतिम चरण में है। इसी प्रकार 12 मंजिला दो भवनों के निर्माण का प्रस्ताव भी स्वीकृत हो गया है। इसमें से एक पुलिस लाइंस में धर्मशाला के पास तो दूसरा चिलुआताल थाने में बनाया जाएगा।