गोरखपुर। सहजनवां इलाके की एक महिला को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश करने के बाद राजस्थान में चार लाख रुपये में बेच देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वहां बंधक बनाकर काम कराया जाता था। पति की भागदौड़ के बाद उसके साथ संतकबीरनगर पुलिस राजस्थान पहुंची। एक दलाल के माध्यम से महिला को मुक्त कराया। वापस आकर महिला ने बताया कि अपहर्ताओं के चंगुल में रामगढ़ताल क्षेत्र की एक किशोरी भी फंसी है। वह बार-बार छुड़ाने के लिए गुहार लगा रही थी।
जिस महिला का अपहरण हुआ, वह संतकबीरनगर की एक फैक्टरी में काम करती थी। वहीं से आरोपियों ने उसका अपहरण कर लिया था। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि कोई गिरोह है, जो महिलाओं-लड़कियों की खरीद-फरोख्त करा रहा है। इस गिरोह से जुड़ी एक महिला बिलंदपुर खत्ता में रहती है। अहम जानकारी सामने आने के बाद गोरखपुर पुलिस ने भी पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, सहजनवां के टिकरिया मिनवा गांव निवासी रीता देवी (43) रहस्यमय हालात में लापता हो गई थी। दो बेटी और एक बेटे की मां के लापता होने के बाद हैदराबाद में पेंट पालिश का काम करने वाले पति दिलीप शर्मा गांव आ गया। काफी तलाश के बाद भी रीता का कहीं पता नहीं चला तो वह संतकबीरनगर की उस फैक्टरी में गया, जहां पर रीता काम करने के लिए जाती थी। वहां पता चला कि आठ जुलाई 2024 को रीता काम करने गई थी। फिर घर के लिए निकली थी। इसके बाद खलीलाबाद के कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज करा कराई गई।
खलीलाबाद कोतवाली थाने में केस दर्ज होने के बाद भी पुलिस सक्रिय नहीं हुई तो पीड़ित ने एडीजी गोरखपुर को प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज की। इसी बीच रीता ने एक अंजान व्यक्ति से मोबाइल लेकर पति के पास कॉल किया। इसके बाद पति ने पुलिस को जानकारी दी। सर्विलांस की मदद से जांच हुई तो पता चला कि राजस्थान का नंबर है।
पुलिस राजस्थान के सीकर जिला के श्रीमाधोपुर गई और लोकल पुलिस की मदद से महिला को लेकर चली आई। पता चला है कि महावीर गुर्जर नाम के शख्स ने बकरी पालन करने के लिए महिला को खरीदा था। उसने चार लाख रुपये में खरीदे जाने की जानकारी दी।
वर्जन
महिला का केस संतकबीरनगर में दर्ज है। वहां की पुलिस से गोरखपुर पुलिस ने संपर्क किया है। जांच में सहयोग करने के साथ ही अन्य जानकारियों के आधार पर गोरखपुर पुलिस जांच कर रही है।
- डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी