पीपीगंज के जंगल कौड़िया स्थित अगम्य हॉस्पिटल का मामला
गोरखपुर। पत्नी की मौत के बाद इंसाफ पाने के लिए सहजनवां भोराव के सुमंत गिरी स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। सीएमओ ने जांच रिपोर्ट भेजी तो पुलिस अधिकारी पढ़ने के बाद असमंजस में पड़ गए। सीएमओ ने रिपोर्ट में लिखा कि उन्हें नहीं मालूम अगम्य हॉस्पिटल का चिकित्सक ऑपरेशन कर सकता है या नहीं, इस बारे में विशेषज्ञ से राय ली जाएगी। इसके बाद से मामला ठप पड़ा है। कुछ दिन पहले सुमंत जिलाधिकारी कार्यालय में भी न्याय की आस में पहुंचे, लेकिन किसी अधिकारी के नहीं मिलने पर उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
मामला पीपीगंज के जंगल कौड़िया स्थित अगम्य हाॅस्पिटल का है। 14 फरवरी की दोपहर सुमंत गिरी की गर्भवती पत्नी रेशमा को प्रसव पीड़ा हुई। उन्हें उपचार के लिए अगम्य हाॅस्पिटल पहुंचाया गया। आरोप है कि जांच के बाद चिकित्सक ने दोपहर दो बजे ऑपरेशन कर दिया, जिससे उन्हें एक बच्ची हुई। पूछताछ में चिकित्सक ने बताया कि मां और बच्ची दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं। इसके बाद परिजन बाहर बैठकर रिश्तेदारों से बातचीत करने लगे। इसी बीच रात 11 बजे पत्नी की मौत हो गई। चिकित्सक ने बिना बताए रेशमा को निजी वाहन में बैठाया और शहर के एक अस्पताल में ले जाकर छोड़कर भाग गया। पीछा करते हुए जब पति सुमंत समेत अन्य उस अस्पताल में पहुंचे तो चिकित्सक ने बताया कि रेशमा की मौत हो चुकी है। इसके बाद वह शव लेकर अगम्य हास्पिटल पहुंचे और चिकित्सक को बातचीत के लिए बाहर बुलाने लगे। इधर, हंगामा की सूचना पर पहुंची पीपीगंज पुलिस ने परिजनों को समझाते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उधर, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी के निर्देश पर पहुंची दो डाॅक्टरों की टीम ने हाॅस्पिटल को सील करने का दावा किया। जांच में यह भी सामने आया कि ऑपरेशन करने वाले डाॅक्टर के पास बीएएमएस (आयुर्वेदिक) डिग्री है। इसे लेकर पुलिस ने सीमएओ को पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी तो पुलिस को गोलमोल जबाब देते हुए विशेषज्ञ से राय लेने को कहा गया।
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कोट
अगम्य हाॅस्पिटल के चिकित्सक के पास बीएएमएस की डिग्री है। ऑपरेशन कर सकते है या नहीं, इसके लिए विशेषज्ञ से रिपोर्ट मांगी गई है। एक या दो दिन में रिपोर्ट मिल जाएगी। फिलहाल हाॅस्पिटल को सील कर दिया गया है।
- डॉ. मीनू सोनी, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी