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Gorakhpur News: बेच रहे थे एक्सपायरी डेट का पैकेटबंद जूस...सैंपल जांच को भेजा

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खोया मंडी में दुकान पर मिला चार गत्ता एक्सपायर्ड पेय पदार्थ
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गोरखपुर। शहर में मिलावटी ही नहीं, एक्सपायर हो चुके पैकेटबंद जूस को भी सरेआम बेचा जा रहा है। खोया मंडी की एक दुकान पर बिक रहे इस जूस को पीने वालों ने खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत की तो सोमवार को टीम जांच के लिए पहुंची। जांच में चार गत्ता खराब माल पकड़े जाने पर व्यापारी बहानेबाजी करने लगा। टीम ने सैंपल लेने के साथ ही खराब माल नष्ट करा दिया। अब बैच नंबर से इस बात की जांच की जाएगी कि ये माल किस दुकान से बेचा गया था।
शहर में मिलावटी जूस का धंधा चल रहा है, इसकी चर्चा थी। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम इसकी पड़ताल में जुटी थी। इसी बीच कुछ ग्राहकों ने शिकायत की कि खोवा मंडी में एक दुकान पर एक्सपायर हो चुके ब्रांडेड जूस के पैकेट को खोलकर उसे भी बेच दिया जाता है। कई दिन से इसकी छानबीन में जुटी टीम सोमवार दोपहर में इस दुकान पर पहुंची। टीम ने जांच की तो चार गत्तों में एक्सपायर हो चुका पैकेटबंद जूस मिला।
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सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि टीम ने पूछताछ शुरू की तो दुकानदार बहानेबाजी करने लगा। बाद में उसने इसकी बिक्री करने वाले दुकानदार पर गलत माल भेजने की कहानी रची। इसके बाद टीम ने इस एक्सपायर हो चुके जूस का सैंपल लिया और खराब माल को नष्ट कराने से पहले उसके बैच नंबर आदि को नोट किया। अब बैच नंबर से जांच की जाएगी कि ये एक्सपायर माल किस दुकान से भेजा गया था। इसके लिए कंपनी को भी पत्र लिखा जाएगा।

फूड प्वाइजनिंग हो सकती है

एक्सपायरी डेट के बाद का पैकेटबंद सामान खाने-पीने से फूड प्वाइजनिंग हो सकती है। ऐसा इसलिए कि एक निश्चित समय के बाद उस पदार्थ में हानिकारक वैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं। एक्सपायरी डेट के बाद का जूस पीने से उल्टी-दस्त, मिचली आदि की दिक्कत आ सकती है। कुछ मामलों में एलर्जी के चलते खुजली आदि भी होने लगती है। इसीलिए खाने-पीने के सामान पर एक्सपायरी डेट जरूर देखना चाहिए।
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डॉ. राजेश कुमार, वरिष्ठ फिजिशियन

थोड़ी सी सतर्कता जरूरी: सहायक आयुक्त
खाने-पीने का सामान खरीदते हैं तो ग्राहक के तौर पर उसके लिए निर्धारित मूल्य भी चुकाते हैं। इसके बाद भी खराब सामान खा लेना कहीं से भी समझदारी नहीं है। हर ग्राहक का यह अधिकार है कि सामान खरीदते समय उसके उत्पादन तिथि, एक्सपायरी तिथि, उत्पादक का नाम-पता और उसमें मिलाए गए तत्वों की जानकारी ली। ये सारी जानकारी पैकेट पर ही लिखी होती है। अगर ये जानकारी दर्ज नहीं है, अथवा गलत है तो सामान न खरीदें। ऐसी घटना की तत्काल सूचना भी दें, जिससे कि समय रहते कार्रवाई हो सके।
डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य
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