फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: गोरखपुर को मॉडल बनाएंगे...प्रदेश को खुले में कचरा जलाने से मुक्त बनाएंगे

विज्ञापन
विज्ञापन
नगर निगम की ओर से कार्यशाला का शुभारंभ, 13 मार्च को सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे समापन
विज्ञापन



गोरखपुर। गोरक्षनगरी को 2027 तक ''''खुले में कचरा जलाने से मुक्त शहर'''' का टैग दिलाने की तैयारी है। गोरखपुर नगर निगम अपने इस कदम से प्रदेश समेत दूसरे राज्यों के नगर निगमों के लिए मॉडल बनेगा। खुले में कचरा जलाने से मुक्त शहर का खिताब अभी देश के किसी शहर नहीं मिला है। इसके लिए मंगलवार को दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुुआ। इसमें देशभर से आए विशेषज्ञ विचार रखेंगे। बृहस्पतिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ इसका समापन करेंगे।
नगर निगम और डब्ल्यूआरआई इंडिया के सहयोग से होटल कोटयार्ड में आयोजित ''''''''ठोस अपशिष्ट को खुले में जलाना : प्रभाव, वैकल्पिक समाधान और बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन'''''''' विषय कार्यशाला का उद्घाटन मंगलवार को मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने कहा कि गोरखपुर ने वायु प्रदूषण कम करने में काफी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इन प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए नगर निगम ने अब खुले में कचरा जलाने को खत्म करने की ठानी है। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि इस नई पहल के तहत हम शहर को खुले में कचरा मुक्त बनाने पर एक रोडमैप तैयार करेंगे। कहा कि राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में बृहस्पतिवार की सुबह होगा। क्लीन एयर एक्शन के प्रोग्राम डायरेक्टर श्रीकुमार कुमारस्वामी ने प्रारंभिक खुले कचरा सर्वेक्षण के मुख्य निष्कर्षों पर जानकारी दी।
विज्ञापन


विशेषज्ञों ने किया साइट का भ्रमण
खुले में कचरा जलाने से मुक्त गोरखपुर के लिए रणनीति बनाने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से आए विशेषज्ञों ने शहर में पांच स्थानों पर साइट विजिट किया। इस दौरान नगर निगम के अधिकारियों ने शहर में कचरा व्यवस्थापन और नगर निगम के अन्य उपक्रमों के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला के दूसरे दिन इस साइट विजिट के आधार पर कचरा जलाने से मुक्त शहर की चुनौतियों, उपायों और सुझाव पर चर्चा होगी।
विज्ञापन

नगर आयुक्त ने कहा कि बीते पांच वर्षों से गोरखपुर नगर निगम शहर की हवा को स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रयास करता आ रहा है। इनकी वजह से सबसे हानिकारक प्रदूषकों में से एक पीएम 10 यानी पार्टिकुलेट मैटर (कणाकार पदार्थ) का स्तर 50 प्रतिशत से अधिक कम करने में सफलता मिली है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें