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Gorakhpur News: आठ घंटे इंतजार फिर खड़े रहे लंबी लाइन में...नहीं मिली सीट

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गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 9 पर लगी यात्रियों की भीड़ और गोरखधाम ट्रेन में बैठने क
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गोरखधाम एक्सप्रेस में उमड़ी भीड़, एसी कोच तक पहुंचने में हुई सांसत
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आरपीएफ व अफसरों ने संभाला मोर्चा, कुछ यात्री नहीं चढ़ पाए वे दूसरी ट्रेनों से हुए रवाना
गोरखपुर। दिवाली और छठ पर्व में घर आए लोगों के वापसी की भीड़ बढ़ने लगी है। रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह से ही यात्रियों का हुजूम पहुंचने लगा। प्लेटफॉर्म नौ से जाने वाली गोरखधाम एक्सप्रेस में चढ़ने के लिए बहुत सारे यात्री सुबह आठ बजे ही स्टेशन पहुंच गए। लंबी लाइन में बहुत देर तक खड़े रहे फिर भी सीट नहीं मिली। ट्रेन में चढ़ने के लिए जब तक उनकी बारी आई कोच पैक हो चुका था। किसी तरह घुसकर शौचालय के पास खड़े होकर रवाना हुए। हालांकि, रेल अफसरों और आरपीएफ की सक्रियता के चलते किसी तरह का हंगामा नहीं हुआ। कुछ यात्री ट्रेन में नहीं चढ़ पाए वे दूसरी ट्रेनों से रवाना हुए।
प्लेटफॉर्म नौ पर दोपहर बाद भीड़ इतनी ज्यादा हो गई कि एसी कोच तक पहुंचने के लिए बहुत सारे यात्री प्लेटफाॅर्म से उतरकर कैब-वे की ओर से सड़क के रास्ते कोच तक पहुंचे। एसी थ्री कोच से दिल्ली जा रहे विवेक कुमार ने बताया कि फुट ओवरब्रिज से उतरकर एसी कोच तक पहुंचना आसान नहीं था। प्लेटफाॅर्म पर बहुत ज्यादा भीड़ थी।
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परिवार सहित बहुत सारे लोग ट्रेन के इंतजार में थकान और परेशानी से जूझते दिखे। बेतिया बिहार के रहने वाले शंभू ने बताया कि हिसार तक की यात्रा करनी है। सुबह आठ बजे से प्लेटफाॅर्म पर बैठे हैं, ताकि किसी तरह सीट मिल सके लेकिन सीट नहीं मिल पाई। खुखुंदू, देवरिया के विकास कनौजिया ने बताया कि उन्हें जरूरी काम से दिल्ली जाना है। सुबह नौ बजे से ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। रिजर्वेशन नहीं मिल सका, इसलिए मजबूरी में जनरल कोच में सफर करना पड़ रहा है। वही, झंगहा की बिंदावती अपने बच्चों के साथ सुबह नौ बजे से ही नई दिल्ली जाने के लिए प्लेटफाॅर्म पर ट्रेन का इंतजार करती रहीं। उनके साथ गुलाबो देवी भी ट्रेन में बैठने के लिए घंटों मशक्कत करती दिखीं।
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बोले यात्री
नई दिल्ली तक जाना है। भीड़ बहुत ज्यादा है। सुबह से परिवार के साथ लाइन में हूं। त्योहार पर घर तो आ गए लेकिन अब लौटने में आरक्षित टिकट नहीं मिल रहा। इसलिए जनरल टिकट पर सफर करना पड़ रहा है।
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आशा देवी, राजाबारी, पीपीगंज

बठिंडा जाने के लिए सुबह आठ बजे से लाइन में हैं। छह-सात घंटे इंतजार के बाद किसी तरह बैठने की जगह मिली है। पूरा कोच भरा पड़ा है, शौचालय तक जाना मुश्किल है।
हरिप्रकाश प्रजापति
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