फर्जी डिग्री प्रकरण: खोराबार पीएचसी के डॉ. राजेश कुमार व उसके साथी के पास मिली थीं 21 डिग्रियां
आयुर्वेदिक व यूनानी तिप्पी चिकित्सा पद्धति बोर्ड उत्तर प्रदेश और जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद ने बताया फर्जी
गोरखपुर। खोराबार पीएचसी के डॉ. राजेश कुमार और उसके संतकबीरनगर निवासी साथी सुशील कुमार चौधरी के पास मिलीं मेडिकल की 21 डिग्रियों का सत्यापन शुरू हो गया है। अभी तक आयुर्वेदिक व यूनानी तिप्पी चिकित्सा पद्धति बोर्ड उत्तर प्रदेश और जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद की ओर से जारी चार डिग्रियां फर्जी मिली हैं। पुलिस की टीमें देश की नौ यूनिवर्सिटी से संपर्क करने गई हैं।
पुलिस के मुताबिक, शिकोहाबाद के जेएस यूनिवर्सिटी की चार और आयुर्वेदिक तथा यूनानी तिप्पी चिकित्सा पद्धति बोर्ड उत्तर प्रदेश लखनऊ की दो डिग्रियों की जांच वहां जाकर कराई गई। लखनऊ में दो डिग्री को देखते ही उसके फर्जी होने की मुहर लगा दी गई। वहीं शिकोहाबाद में दो डिग्रियों का सत्यापन कर उसे फर्जी करार दिया गया है। दो अन्य डिग्रियों की जांच यूनिवर्सिटी करा रही है। पुलिस टीम अन्य यूनिवर्सिटी से संपर्क करने के लिए गई। अभी वहां से रिपोर्ट आनी बाकी है।
नोएडा, गाजियाबाद में सरगना की तलाश
पुलिस के मुताबिक, आरोपी डॉक्टर के दो साथी नोएडा और गाजियाबाद के हैं। इसमें फर्जी डिग्री को छापने का आरोपी सरगना भी शामिल है। पुलिस नोएडा और गाजियाबाद में उसकी तलाश कर रही है। खबर है कि पुलिस की एक टीम नोएडा में ही रुकी है। जल्द ही गिरफ्तारी हो सकती है।
यह है मामला
एमबीबीएस और बी. फाॅर्मा की फर्जी डिग्री बनाने के मामले में पुलिस ने 24 फरवरी को खोराबार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर संविदा पर तैनात एम्स क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी निवासी डॉ. राजेश कुमार और उसके साथी संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली थाना के पठान टोला निवासी सुशील कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया था। तब उनके पास से पुलिस ने एमबीबीएस की 21 डिग्रियां बरामद की थीं। इसमें डॉ. राजेश कुमार की खुद के लिए राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस कर्नाटक यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की डिग्री बनवाई गई थी। डॉक्टर के पास से इस यूनिवर्सिटी की तीन डिग्रियां मिली हैं। इसके अलावा लखनऊ के आयुर्वेदिक व यूनानी तिप्पी चिकित्सा पद्धति बोर्ड की दो, ओपीजेएस यूनिवर्सिटी चुरू, राजस्थान की दो, उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल की एक, आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी की दो, जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद की चार, आयुष एंड हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी ऑफ छत्तीसगढ़ की एक, आईएफटीएम यूनिवर्सिटी मुरादाबाद की तीन, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातक की एक डिग्री मिली है। डॉक्टर के साथी सुशील चौधरी के पास से आयुर्वेदिक व यूनानी तिप्पी चिकित्सा पद्धति बोर्ड उत्तर प्रदेश बोर्ड की एक और चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ की एक डिग्री मिली है।
वर्जन
चार डिग्रियों के फर्जी होने की पुष्टि हो गई है। टीम आरोपियों से पूछताछ के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगी। फर्जी डिग्री छापने वाले सरगना के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी