गोरखपुर। राजघाट इलाके के एक स्कूल में पढ़ने वाले चौथी के छात्र के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म के आरोप की पुष्टि नहीं हो पाई है। मेडिकल जांच में अंदरुनी घाव नहीं पाया गया है। वहीं पुख्ता रिपोर्ट के लिए स्वैब परीक्षण को एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब्रोटरी) भेजा गया है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद केस में उसी हिसाब से पुलिस ने कार्रवाई की तैयारी में है। उधर, जिन छात्रों को मामले में कठघरे में खड़ा किया गया है उनके परिवारीजन घटना से काफी अवसाद में हैं।
पीड़ित बच्चे के पिता ने पुलिस को दिए तहरीर में बताया कि उनका 12 साल का बेटा चौथी कक्षा में पढ़ता है। विद्यालय के सातवीं और आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले पांच-छह की संख्या में छात्र उसके साथ गलत हरकत कर रहे थे। छात्र उनके बेटे के साथ 15-20 दिन से सामूहिक रूप से अप्राकृतिक दुष्कर्म कर रहे थे। बच्चे को धमकी भी दे रहे थे। डर की वजह से बेटा उनकी हरकतों को छिपा रहा था। जब ज्यादा परेशान हुआ तब उसने घर पर जानकारी दी। पुलिस ने पाक्सो एक्ट की धारा में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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चार छात्रों को निष्कासित कर चुका है स्कूल प्रबंधन
स्कूल प्रशासन ने शिकायत के आधार पर पीड़ित के पड़ोसी छात्र सहित चार छात्रों को शुक्रवार को सस्पेंड कर दिया। उधर, शुरुआती जांच में यह सामने आया था कि मामला पैंट खींचने को लेकर ही था लेकिन यह अप्राकृतिक दुष्कर्म तक पहुंच गया। फिलहाल घटना को राजनीतिक रंग देने की भी कोशिश की जा रही थी लिहाजा पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद जांच शुरू करा दी है।
वर्जन...
छात्र का मेडिकल कराया गया, इसमें अंदरुनी चोट नहीं मिली है। प्रथमदृष्टया अप्राकृतिक दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। स्वैब जांच के लिए सैंपल भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अभिनव त्यागी, एसपी सिटी