पिपराइच इलाके की दो महिलाओं के साथ लखपति दीदी योजना के नाम पर जालसाजी का मामला सामने आया है। दोनों महिलाओं ने एसपी उत्तरी से मिलकर घटनाक्रम बताते हुए कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। इस मामले में एसपी उत्तरी ने सीओ चौरीचौरा को जांच सौंपी है। इससे पहले शाहपुर थाना क्षेत्र की महिलाओं के साथ भी धोखाधड़ी हो चुकी है।
पुलिस ऑफिस में एसपी उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव से मिलकर पिपराइच की दोनों महिलाओं ने बताया कि फरवरी माह में एनबीसीएफडीसी नाम की एक संस्था का मैनेजर तारामंडल इलाके में आया था। यहां महिलाओं के साथ मीटिंग हुई थी। उसने बताया था कि शाहपुर इलाके के पादरी बाजार में जल्द ही कंपनी का एक ऑफिस खुलने जा रहा है।
इसके बाद सारे काम ऑफिस से ही होंगे। उसने बताया कि लखपति दीदी योजना के तहत एक-एक हजार रुपये जमा कराकर पंजीकरण हो रहा है। महिलाओं ने कहा कि मैनेजर ने बताया कि 20 अप्रैल तक पंजीकरण कराने वाली महिलाओं के खाते में एक-एक लाख रुपये आ जाएंगे।
यह रकम ऋण के तौर पर मिलेगी, जिसे सात साल में जमा करने होंगे। अगर यह ऋण कोई छह माह में जमा कर देगा तो उसका 50 प्रतिशत ऋण माफ हो जाएगा। पहला लोन समय से जमा करने पर दोबारा पांच लाख रुपये तक कर्ज मिल सकेगा।
जालसाजों के चक्कर में फंसकर उन लोगों ने पंजीकरण कराया। उनके अलावा कई और भी महिलाओं ने एक से पांच लाख रुपये तक ऋण के नाम पर पंजीकरण कराया था। बाद में कंपनी के कर्मचारी लापता हो गए। काफी छानबीन के बाद पता लगा कि उन लोगों के साथ धोखाधड़ी हो गई है।
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केंद्र सरकार की लखपति दीदी योजना के नाम पर जिले की 1200 महिलाओं से ठगी के मामले की जांच तेज कर दी गई है। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि लखनऊ में ऑफिस खोलकर जालसाजों ने गोरखपुर ही नहीं, बल्कि कई अन्य जिलों में करोड़ों की ठगी की है।
शाहपुर पुलिस ने आरोपियों का पता-ठिकाना ढूंढ निकाला है। सभी आरोपी बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले हैं। बिहार पुलिस की मदद से पुलिस आरोपियों को ट्रेस कर रही है।
शाहपुर पुलिस के मुताबिक, राप्तीनगर की सीमा यादव की तहरीर पर लखनऊ स्थित एनबीसीएफडीसी नामक संस्था के तीन आरोपियों मैनेजर राजेश उर्फ राजेश जायसवाल, असिस्टेंट लोन नोडल ऑफिसर रमेश चंद्र और गीता सैनी पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
अभी तक की जांच में पता चला है कि आरोपियों ने पता-ठिकाना बदलकर लखनऊ में ऑफिस खोलकर ठगी की और पोल खुलने पर कहीं भाग गए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के मोबाइल नंबर भी बंद हैं। सीडीआर की मदद से आरोपियों के अन्य संपर्कियों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।
सीमा यादव ने पुलिस को बताया कि एक विज्ञापन के माध्यम से वह जालसाजाें के संपर्क में आईं। इसके बाद जिले के अलावा कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज और सिद्धार्थनगर की महिलाएं भी जालसाजी का शिकार हुई हैं। मैनेजर राजेश जायसवाल, असिस्टेंट लोन नोडल ऑफिसर रमेश चंद्र और गीता सैनी ने शहर में आकर उन्हें संस्था सुपरवाइजर बनाया था।
इसके अलावा उनके नीचे चंद्रलेखा, अनिता चौधरी, सुशीला, अंजली साहनी, किरन, मीना, आशा, शालिनी, क्रान्ति, हिना, अनिता गुप्ता और हेवंता को लोन मित्र बनाया था। सबकी नौ-नौ हजार रुपये सैलरी भी तय हुई थी।
सीमा यादव ने बताया कि हमलोग चार ग्रुप बनाकर शहर और देहात क्षेत्र में घूम-घूमकर इस योजना का लाभ दिलाने के लिए जरूरतमंद महिलाओं को लोन दिलाने के लिए रजिस्ट्रेशन करते थे। इसके बदले उन्हें आई कार्ड देते थे। कार्ड पर पीएम के फोटो के साथ ही महिला का फोटो, मोबाइल नंबर, उम्र समेत अन्य विवरण लिखा हुआ है।
सीमा ने बताया कि पीपीगंज, सहजनवा, कैंम्पियरगंज, पिपराइच, जंगल धूसड़, झुगियां, सिंघड़ियां, जंगल मातादीन भगवानपुर, बिचऊपुर के साथ ही कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज और सिद्धार्थनगर की कुल 1200 महिलाओं से एक-एक हजार रुपये लेकर पीएम योजना का लाभ दिलाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था।
ये रुपये संस्था के बैंक खाते में भेजे गए थे। मैनेजर ने बताया था कि 20 अप्रैल तक 12 सौ महिलाओं के खाते में लोन के एक लाख रुपये आ जाएंगे।
पिपराइच की पीड़ित महिलाओं ने दिया प्रार्थना पत्र
पुलिस ऑफिस में एसपी उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव से मिलकर पिपराइच की दो महिलाओं ने भी प्रार्थना पत्र दिया है। दोनों महिलाओं का आरोप है कि लखपति दीदी योजना के नाम पर लाभ दिलाने के लिए एक-एक लाख रुपये जमा कराए गए। इसी बीच मैनेजर समेत पूरी टीम के भागने की सूचना मिली है।
शाहपुर थाने में केस दर्ज करके जांच चल रही है। आरोपियों के बारे में जानकारी मिली है। पुलिस टीम गिरफ्तारी के लिए लगी हुई है। बहुत जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा: रवि कुमार सिंह, सीओ, गोरखनाथ