गोरखपुर। भालोटिया मार्केट में बृहस्पतिवार को लाइसेंस की जांच करने पहुंचे ड्रग इंस्पेक्टर से व्यापारी भिड़ गए। इंस्पेक्टर पर मनमानी का आरोप लगाते हुए व्यापारियों ने हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि ड्रग इंस्पेक्टर के साथ आए कर्मचारियों ने दवा व्यापारियों को धमकी दी। दवा विक्रेता समिति के पदाधिकारियों ने इंस्पेक्टर को घेर लिया। हंगामे से काफी देर तक गहमागहमी बनी रही।
भालोटिया मार्केट के एसएम कॉम्प्लेक्स में स्थित सीमा हेल्थ केयर नाम से फॉर्म है। इसके संचालक की गंभीर बीमारी से मौत हो गई। इसकी वजह से नए सिरे से ड्रग लाइसेंस बनवाया जा रहा है। इसमें मृत व्यापारी की पत्नी सीमा अग्रवाल व बहू वर्षा अग्रवाल के नाम से लाइसेंस ट्रांसफर होना है। फर्म का नाम बदल रहा है। मामले की जांच के लिए बृहस्पतिवार को ड्रग इंस्पेक्टर राहुल कुमार और कर्मचारी मोहन तिवारी भालोटिया बाजार पहुंचे थे। दवा व्यापारियों का आरोप है कि ड्रग इंस्पेक्टर बेवजह आवेदन में खामियां निकल रहे थे। जबकि आवेदक को ड्रग इंस्पेक्टर के वरिष्ठ अधिकारी ने मानकों पर पूरा पाया था। यहीं से बात बिगड़ने लगी।
दवा विक्रेता समिति के अध्यक्ष योगेंद्र नाथ दुबे व महामंत्री आलोक चौरसिया का आरोप है कि ड्रग इंस्पेक्टर मनमानी पर उतर गए हैं। पिछले चार महीने से ड्रग इंस्पेक्टर से मुलाकात करने की कोशिश की जा रही है। वह दवा व्यापारियों से मिलने से हिचक रहे हैं। वह परेशान करने के लिए लाइसेंस के मानकों में परिवर्तन कर रहे हैं। महामंत्री ने आरोप लगाया कि ड्रग विभाग के एक कर्मचारी ने धमकी दी है। यह धमकी ड्रग इंस्पेक्टर और दवा व्यापारियों के सामने दी गई है। व्यापारी नेताओं ने ड्रग इंस्पेक्टर से बातचीत की, इसके बाद मामला शांत हुआ।
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कोट...
भालोटिया मार्केट में किसी तरह का विवाद नहीं है। फर्म के लाइसेंस का आवेदन मिला था जिसमें कुछ खामियां थीं। आवेदन में दी गई तस्वीर और मौके पर जांच में कुछ अंतर मिला। इसी को पूछने पर व्यापारी नाराज हुए थे। अब मामला सुलझा लिया गया है।
- राहुल कुमार, ड्रग इंस्पेक्टर