स्मार्ट मीटरों की अवैध रूप से क्यूसी थ्री मामले में हुई कार्रवाई
गोरखपुर। परीक्षण खंड अधिशासी अभियंता शिवेंद्र सिंह, परवेज आलम व अविनाश अग्रहरि और एई मीटर योगेंद्र सिंह यादव व अच्छेलाल पटेल को निलंबित कर दिया गया है। इन सभी को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड वाराणसी के मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। गोरखपुर व बस्ती मंडल में अचानक से 3848 स्मार्ट मीटरों की अवैध रूप से क्यूसी थ्री की प्रक्रिया पूरी करने के मामले में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ने दोषी मानते हुए कार्रवाई की है। इसमें गोरखपुर के 3037 स्मार्ट मीटर हैं।
उपभोक्ता के परिसर में मीटर उतारने के बाद स्मार्ट मीटर लगाया जाता है। स्मार्ट मीटर स्थापित करने के साथ ही उपभोक्ता को नए और पुराने मीटर से संबंधित पूरी जानकारी दर्ज करते हुए एक रसीद दी जाती है। इसे क्वालिटी कंट्रोल (क्यूसी) वन प्रक्रिया का पूरा होना बताया जाता है। इसके बाद स्मार्ट मीटर से जुड़ी सूचना को कंपनी अपने सिस्टम पर दर्ज करती है। इसे क्यूसी टू की प्रक्रिया पूरा होना बताया जाता है। दर्ज सूचना की परीक्षण खंड के एक्सईएन जांच कराते हैं। यदि परिसर से उतारा गया इलेक्ट्रानिक मीटर नो डिस्प्ले हो या कोई अन्य गड़बड़ी हो तो इनकी जांच परीक्षण खंड के लैब में होती है। लैब में मीटर की वास्तविक रीडिंग आ जाती है। इसके बाद इस रीडिंग को दर्ज करते हुए क्यूसी थ्री की प्रक्रिया पूरी की जाती है। 16 सितंबर, 17 सितंबर और 18 सितंबर की सुबह व रात में अचानक रिजेक्ट मीटरों को सिस्टम पर अप्रूव्ड कर दिया गया। 18 सितंबर को मामला सामने आया तो एक्सईएन ने पुलिस को सूचना न देकर खुद की आइडी हैक बताते हुए स्मार्ट मीटर स्थापित करने वाली कार्यदायी संस्था को पत्र लिख दिया था। चेयरमैन डाॅ. आशीष गोयल ने मामले की गहनता से जांच के निर्देश दिए थे।