बृहस्पतिवार को महिला बेटे की गर्दन रेतने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए आई थी पुलिस ऑफिस
गीडा पुलिस ने बताया कि दुर्घटना में घायल हुआ है युवक, घर पर चढ़े थे महिला के रिश्तेदार
गोरखपुर। कैंट इलाके में स्थित पुलिस ऑफिस में बृहस्पतिवार को फरियाद लेकर पहुंची महिला अचानक शोर मचाने लगी। आरोप लगाया कि बेटे की गर्दन रेतने के आरोपियों पर कार्रवाई के लिए एसएसपी से मिलकर प्रार्थना पत्र दिया। आरोपियों को इसकी भनक लगी तो घर पर चढ़कर बेटियों पर हमला कर दिए। इसके बाद वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने गीडा पुलिस को महिला के घर भेजा। गीडा पुलिस का कहना है कि महिला के रिश्तेदार घर पर चढ़कर लड़ रहे थे। उसके बेटे को किसी ने मारा नहीं बल्कि, दुर्घटना में घायल हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, गीडा बनौड़ा की सरोजा देवी अपने बेटे दीपचंद के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंची थीं। उनका आरोप है कि 24 मई को दीपचंद रात करीब नौ बजे रिश्तेदार के घर हल्दी में जा रहा था। शाहीदाबाद रोड पर गांव के चार युवक बाहरी युवकों के साथ मिलकर पुरानी रंजिश में लाठी-डंडे से हमला कर दिया। घायल अवस्था में खेत में ले जाकर दीपचंद की गर्दन आरोपियों ने चाकू से रेत दी। खून से लथपथ हालत में छोड़कर भाग गए। मामले में गीडा पुलिस केस नहीं दर्ज कर रही है। सरोजा ने बताया कि दोपहर करीब एक बजे एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया। जैसे ही उनके ऑफिस से बाहर आई, बेटी का चिल्लाते हुए फोन आया कि आरोपियों ने घर पर हमला कर दिया है, तोड़फोड़ व मारपीट रहे हैं।
गीडा थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि पुलिस ऑफिस से कॉल आई थी। तत्काल महिला के घर पहुंचा। वहां पर रिश्तेदार आपस में झगड़ रहे थे। लड़की के मामले को लेकर वहां झगड़ा हो रहा था। जबकि महिला का कहना था कि जिनकी शिकायत करने गए थे, वे लोग घर पर चढ़े हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि महिला झूठे आरोप लगा रही है। उनका बेटा दीपचंद खजनी इलाके में 24 मई की रात सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। खजनी जाकर इसकी तस्दीक भी की गई है। वहां काफी लोगों ने दुर्घटना देखी थी। महिला से कहा गया कि दुर्घटना के संबंध में खजनी थाने जाकर केस दर्ज कराएं, लेकिन वह अब हमला करने की बात कह रही है। जांच पुलिस कर चुकी है, आरोप झूठा निकला है।