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Gorakhpur News: बेतिया एस्टेट की जमीन पर बने खपरैल वाले बंगले की हुई नापजोख

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गोरखपुर। बिहार के बेतिया एस्टेट की जमीनों की पैमाइश एक बार फिर शुरू हो गई है। मंगलवार को प्रशासक नियुक्त किए गए सहायक बंदोबस्त अधिकारी बद्री गुप्ता ने लेखपाल के साथ कमिश्नर आवास के पीछे खपरैल से बने बंगले की नापजोख की। प्रशासन ने पूर्व में जो पैमाइश की थी उसमें इसका पूरा ब्योरा दर्ज नहीं है। उधर, बुधवार को यूपी और बिहार के अधिकारी व अधिवक्ता मंथन कर सकते हैं।
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बेतियाहाता वार्ड में बेतिया एस्टेट की 19.91 हेक्टेयर जमीन है। इसमें करीब सात एकड़ जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा करके मकान भी बनवा लिए हैं। 1962-63 में इस एस्टेट के तत्कालीन मैनेजर बीएन भार्गव ने करीब पांच एकड़ जमीन पर आठ-दस परिवार को बसाया था। उन्होंने कोर्ट ऑफ वार्ड नियम के तहत प्रबंधन और रख रखाव के लिए मिले अधिकार का प्रयोग करते हुए सभी को रहने की छूट दी थी। अब इन परिवारों ने जमीनों पर अपना हक जताते हुए कोर्ट में केस रखा है। खतौनी में इन परिवारों का नाम भी दर्ज हो गया है। ऐसे में इनसे कब्जा ले पाना बेतिया एस्टेट के लिए आसान नहीं होगा। इसके लिए भी विधिक राय लेकर उपाय खोजा जा रहा है।

बिहार सरकार से प्रशासक नियुक्त होने के बाद सहायक बंदोबस्त अधिकारी ने अब जमीनों की निगरानी शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को उन्होंने लेखपाल के साथ खपैरल बंगले की नापजोख कराई, ताकि पता चल सके कि यह कितने क्षेत्रफल में बना है। हालांकि, यह बंगला अब गिर चुका है और बस इसके पिलर खड़े हैं। सहायक बंदोबस्त अधिकारी ने बताया कि प्रशासन की ओर से बेतिया एस्टेट की जमीन का ब्योरा मिला है, उसका परीक्षण करा रहे हैं। खपरैल बंगला के पैमाइश की रिपोर्ट आने के बाद पता चल सकेगा कि कितनी जमीन में बना है। इसके अलावा कुछ और जमीनों पर निर्माण है। उनकी स्थिति की जानकारी ली जा रही है।
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