चिलुआताल के दहला गांव में 14 दिसंबर की देर रात में आगजनी की घटना सामने आई थी। रात में पत्नी-बच्चे के साथ सो रहे भाइयाें के कमरे में बाहर से ताला लगाकर बड़े भाई ने बेचन निषाद ने थिनर (तारपीन का तेल) डालकर आग लगा दी थी। आग से बृजेश निषाद (32), पत्नी मधु (28), बच्ची रिद्धिमा (03), अरविंद निषाद (30) और उसकी पत्नी माला (25) झुलस गए थे। इसमें आरोपी की पत्नी ने भी मदद की थी। आग से झुलसे परिवार के पांच सदस्यों में से नवविवाहिता माला (25), पति अरविंद निषाद (30) और जेठ बृजेश निषाद (32) की इलाज के दौरान कुछ दिन पहले ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसी बृजेश की पत्नी मधु ने भी शुक्रवार भोर में करीब 3 बजे मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं बच्ची रिद्धिमा का इलाज चल रहा है।
मधु की मौत की खबर पर रिश्तेदार गांव पहुंच गए। पोस्टमार्टम के बाद शव के गांव पहुंचने पर वह डोहरिया-कौड़िया मार्ग पर जाम लगा दिया। वह आरोपी बेचन निषाद को फांसी देने की मांग करने लगे। जाम लगाए जाने की सूचना पर क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज गौरव त्रिपाठी, चिलुआताल थानेदार अतुल श्रीवास्तव एवं चौकी प्रभारी मजनू अमित चौधरी और पीपीगंज पुलिस मौके पर पहुंच गई। वह आक्रोशित रिश्तेदारों और ग्रामीणों को समझाने लगे। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद लोगों ने जाम खत्म किया। इसके बाद देर शाम कालेसर स्थित शव दाह स्थल पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। ससुर मुन्नी लाल ने मुखाग्नि दी।
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पिता के बाद मां को भी मासूम विवेक ने खो दिया
मधु का शव गांव पहुंचा तो उसके मायके व ससुराल वाले दहाड़े मार कर रोने लगे। उन सबके बीच में खड़ा उसका बेटा विवेक (6) जमीन पर लेटी मां की लाश की तरफ एकटक देख रहा था। सबको रोता देख उसकी आंखों में भी आंसू आ गए। वह बाबा से छोटी बहन के बारे में पूछने लगा। उसके सवालों का जवाब देने में बाबा मुन्नी लाल असमर्थ दिखे। वह उसे गले लगाकर रोने लगे। कुछ ही दिन के अंतराल पर विवेक ने माता-पिता दोनों को खो दिया। बृजेश और मधु का बड़ा बेटा विवेक घटना के दो दिन पहले अपने मामा के घर चला गया था, जिससे वह बच गया।
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आरोपी बेचन पत्नी के साथ जा चुका है जेल
चिलुआताल के दहला गांव में चार हत्याओं का आरोपी बेचन निषाद और उसकी पत्नी सोनम देवी उर्फ शांति को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। दोनों आरोपी नेपाल भागने की फिराक में थे, इससे पहले पकड़ लिए गए।
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चार दिसंबर को अरविंद और माला की हुई थी शादी
हत्यारोपी बेचन के छोटे भाई अरविंद और माला की चार दिसंबर को ही शादी हुई थी। पांच दिसंबर को झंगहा के नई बाजार की माला विदा होकर दहला गांव पहुंची थीं। अभी हाथ की मेहंदी भी नहीं छूटी थी, 14 दिसंबर की रात घटना हो गई।