बर्ड फ्लू : भोपाल से नहीं आई है संक्रमित वन्यजीवों की रिपोर्ट, 15 दिन में दो बार निगेटिव आने पर ही खुलेगा चिड़ियाघर
बंद होने से चिड़ियाघर प्रशासन को हो रहा लाखों का नुकसान
गोरखपुर। स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां बच्चों के लिए बेमजा साबित हो रही हैं। दूर-दराज के बजाय अपने ही शहर में मौज-मस्ती की इच्छा रखने वाले बच्चे और उनके परिवार इस बार निराश हो रहे हैं। बर्ड फ्लू फैलने से कई वन्यजीवों की मौत के बाद चिड़ियाघर खोलने में दिक्कते आ रही हैं। मई के बाद अब पूरे जून भर प्राणि उद्यान बंद रहने की आशंका है, क्योंकि संक्रमित वन्यजीवों की रिपोर्ट अभी राष्ट्रीय उच्च पशु रोग संस्थान, भोपाल से नहीं आई है। 15 दिन में दो बार रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही चिड़ियाघर को खोलने का निर्णय लिया जा सकता है।
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में बाघिन शक्ति की मौत के मामले में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। 12 मई को भोपाल से रिपोर्ट आई थी। 13 मई से ही चिड़ियाघर दर्शकों के लिए बंद है। प्राणि उद्यान ने दूसरे वन्यजीवों के सैंपल जांच के लिए राष्ट्रीय उच्च पशु रोग संस्थान, भोपाल भेजे थे। 23 मई काे आई रिपोर्ट में बाघिन मैलानी, तेंदुए के दो शावक, हिमालयन गिद्ध और कॉकाटील में संक्रमण की पुष्टि हुई। इन्हें आइसोलेट कर इलाज किया जा रहा है।
इसके बाद संक्रमित जानवरों सहित दूसरे वन्यजीवों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। इसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। इसके बाद सात जून को दोबारा 35 वन्यजीवों के सैंपल भेजे गए थे। अभी चिड़ियाघर 10 जून तक बंद है। लेकिन, संभावना है कि यह सिलसिला पूरे माह तक जारी रह सकता है।
प्राणि उद्यान के निदेशक विकास यादव ने कहा कि संक्रमित सभी वन्यजीवों का उपचार चल रहा है। उनकी स्थिति अभी ठीक है।
रोजाना आते थे करीब दो हजार दर्शक
चिड़ियाघर में आम दिनों में करीब दो हजार दर्शक रोजाना घूमने आते थे। इससे चिड़ियाघर प्रशासन को करीब एक लाख रुपये की आय होती थी। प्राणि उद्यान एक माह से बंद है। ऐसे में अभी तक करीब 30 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है।
पांच वन्यजीवों की हो चुकी है मौत
चिड़ियाघर में डेढ़ माह के अंदर पांच जानवरों की मौत हो चुकी है। 30 मार्च को पीलीभीत से रेस्क्यू कर लाए गए बाघ केसरी की मौत सबसे पहले हुई थी। इसके बाद पांच मई को मादा भेड़िया भैरवी, सात को बाघिन शक्ति और आठ मई को तेंदुआ मोना की मौत हुई थी। 23 मई को एक कॉकाटील की मौत भी हो गई थी।