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Gorakhpur News: खता घरवालों की, सजा पड़ोसी को...यातनाओं को याद कर सिहर जाता है राकेश

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खता घरवालों की, सजा पड़ोसी को...यातनाओं को याद कर सिहर जाता है राकेश
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कलावती हत्याकांड में पुलिस ने पड़ोसी राकेश को पकड़ा था, पिता ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप



गोरखपुर। भुईधरपुर में कलावती हत्याकांड का पर्दाफाश भले ही हो चुका है, लेकिन जांच के दौरान पुलिस की ज्यादती ने पड़ोसी राकेश यादव को जिंदगीभर का दर्द दे दिया है। हत्या के रहस्य को सुलझाने में पुलिस ने पड़ोस के राकेश यादव को पकड़ लिया। पिता का आरोप है कि पुलिस ने पूछताछ के दौरान बेटे को बर्बर यातनाएं दीं। बेटा अब भी उन यातनाओं को याद कर सिहर उठता है।



राकेश यादव के पिता राजमन यादव के मुताबिक, बेटे को बार-बार थाने बुलाकर घंटों पूछताछ की गई। जब वह कुछ न बता सका तो पुलिसकर्मियों ने उसके साथ सख्ती की। बेटे के सिर, हाथ और पैरों पर चोट के निशान हैं। अब उसका इलाज करा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में तंत्र-मंत्र और बली की आशंका को लेकर पुलिस तरह-तरह का शक कर रही थी। इसी शक में पुलिस बेटे को पकड़कर थाने ले गई। तमाम यातनाओं के बाद भी उसने जुर्म कबूल नहीं किया, क्योंकि वह निर्दोष था। उनका कहना है कि करीब तीन दिन तक पुलिस ने उसे थाने में बैठाए रखा।
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पुलिस का नाम सुनकर लगता है डर



पीड़ित राकेश ने बताया- पुलिस का नाम सुनकर डर लगता है। मैंने ठान लिया है कि दोबारा कभी किसी मामले में थाने नहीं जाऊंगा। वहीं गांव के लोग भी पुलिस की इस कार्यशैली से नाराज हैं। इस घटना के बाद भुईधरपुर में चर्चा है कि हत्या का सच भले सामने आ गया हो, पर पुलिस की ज्यादती ने सबको डरा दिया है।

वर्जन



परिजनों द्वारा पड़ोसी युवक पर तंत्र-मंत्र व बली की आशंका जाहिर करने पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। यातनाएं देने का आरोप गलत है। हत्याकांड का खुलासा करते हुए मां-बेटी को जेल भेज दिया गया है।
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-राजकरन नय्यर, एसएसपी







एक्सपर्ट कमेंट: युवाओं में बढ़ रहा अवसाद घातक



बच्चों का मन बहुत कोमल होता है, कोमल मन पर लगातार आघात से अवसाद उत्पन्न होता है। अगर कोई लंबे समय से कटाक्ष करता आ रहा है तो उसके प्रति मन में हमेशा गलत भाव आते हैं। सही समय से इसका इलाज ना होने के कारण कुंठा हो जाती है। जब हार्मोनल विकास होता है, यह कुंठा और भी ज्यादा प्रबल हो जाती है और कही ना कही हिंसक प्रवृत्ति को जन्म देता है। जहां तक वारदात करने वाली लड़की की बात है तो वह भी लंबे समय से ऐसे अवसाद, कुंठा से गुजर रही थी। उसके भीतर भी कुंठा इस कदर बढ़ गई हो गई होगी कि वह अपना आपा खो बैठी होगी।



डॉ. आकृति पांडेय, मनोवैज्ञानिक
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