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Gorakhpur News: निलंबित पुलिसकर्मियों ने धमकी के केस को बताया बेबुनियाद, जाएंगे हाईकोर्ट

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विवेचना में सहयोग के बजाए वादी को धमकाने पर हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी जमानत
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एडीजी जोन ने अब तक की जांच रिपोर्ट को किया तलब, पुलिस निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ जाएगी कोर्ट
गोरखपुर। गीडा थानाक्षेत्र में लूट मामले में निलंबित दरोगा शुभम श्रीवास्तव समेत पांच पुलिसकर्मियों ने खुद पर दर्ज धमकी के केस को बेबुनियाद बताया है। सूत्रों के अनुसार, निलंबित पुलिस ने केस के खिलाफ हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखने की तैयारी में हैं। इसके लिए निलंबित पुलिसकर्मियों ने हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए अधिवक्ता से संपर्क किया है।
बीते नौ अगस्त को बेलीपार इलाके के पिछौरा निवासी, वर्तमान में राजस्थान में रह रहे रविशंकर को कार सवारों ने अगवा कर 90 हजार रुपये लूट लिए थे। जांच के दौरान पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आने पर एसएसपी ने नौसड़ चौकी प्रभारी शुभम श्रीवास्तव समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। निलंबन के बाद आरोपी पुलिसकर्मियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर खुद को निर्दोष बताते हुए केस खत्म करने की मांग की थी। अदालत ने गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए विवेचना में सहयोग करने के आदेश दिए थे, लेकिन बाद में पुलिस की ओर से दाखिल नई रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी विवेचना में सहयोग नहीं कर रहे हैं और उल्टे पीड़ित को केस वापस लेने के लिए धमका रहे हैं। इस संबंध में राजघाट थाने में वादी की ओर से एक और केस दर्ज कराया गया था।
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उधर, एडीजी जोन ने अब तक की जांच रिपोर्ट तलब करते हुए स्पष्ट किया है कि विवेचना निष्पक्ष होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, विभाग भी निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ अदालत में जवाब दाखिल करने की तैयारी कर रहा है।
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कोट
निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच जारी है। पुलिस कर्मियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही आरोपी गिरफ्त में होंगे।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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