तंत्रमंत्र के जरिये जमीन दिलाने और डूबा धन वापस कराने का दिया था आरोपी ने दिया था झांसा
बेलीपार पुलिस ने ढोंगी बाबा, उसकी बेटी, साले और सहयोगी के खिलाफ केस दर्ज कर शुरू की जांच
महावीर छपरा (गोरखपुर)। मुंबई के एक सोफा व्यापारी गुरुसहाय के साथ तंत्र-मंत्र के बहाने जमीन दिलाने का झांसा देकर 19.20 लाख की ठगी हो गई। आरोप है कि देवरिया जिले के अकटहवा छपौली निवासी आरोपी राम प्रवेश ने अपनी बेटी, साले और सहयोगी के साथ मिलकर ठगी की है। बेलीपार के जंगल रानी सुहास कुंवारी टोला के मूल निवासी गुरुसहाय प्रजापति की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी राम प्रवेश, उसकी बेटी नीतू, साले उमेश गुप्ता और सहयोगी सइतू के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।
गुरुसहाय प्रजापति ने बताया कि उनकी पहचान उमेश गुप्ता नामक व्यक्ति के जरिये देवरिया के अकटहवा छपौली निवासी राम प्रवेश मिश्रा नामक बाबा से हुई। राम प्रवेश खुद को झाड़-फूंक और भूत-प्रेत भगाने वाला बताता था। मोबाइल पर बातचीत के बाद बाबा गुरुसहाय के घर पहुंचा और पूजा-पाठ की औपचारिकताएं पूरी की। उसने भरोसा दिलाया कि वह व्यापारी का डूबा हुआ धन वापस कराएगा और सस्ती दर पर जमीन भी दिलवाएगा।
बाबा ने गुरुसहाय के गांव के ही रमाकांत निषाद और संजीव सिंह के सामने बेलीपार के शिवपूरन निवासी रामानंद कुशवाहा की जमीन दिलाने के संबंध में एक स्टांप पेपर पर अंगूठा लगवाया। उसने कहा कि जमीन मालिक की पत्नी लखनऊ में भर्ती है और उन्हें रुपयों की जरूरत है। इसके बाद बाबा अपनी बेटी नीतू और सहयोगी सइतू के साथ एक दिन घर आया और 19.20 लाख रुपये नकद ले लिए। गुरुसहाय के पास लेनदेन की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। कुछ दिनों बाद जब व्यापारी ने जमीन की रजिस्ट्री के लिए बाबा से संपर्क किया तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला।
गुरुसहाय जब बाबा के बताए पते पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने बताया कि वह व्यक्ति ढोंगी और ठग है जो अलग-अलग जगहों पर राम प्रवेश या राम प्रकाश मिश्रा के नाम से पहचान बताता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बाबा फर्जी आधार कार्ड और पहचान पत्र बनवाकर लोगों को ठगता है। गुरुसहाय ने जब उमेश गुप्ता की तस्वीर दिखाई तो ग्रामीणों ने पुष्टि की कि यह बाबा का सगा साला है। बताया कि जीजा-साला दोनों ने मुंबई से देवरिया तक ठगी का जाल फैला रखा है।
कोट....
व्यापारी की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- अनुज कुमार सिंह, सीओ बांसगांव