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समर स्पेशल : गलती सिस्टम की, भुगत रहे यात्री

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गोरखपुर। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने समर स्पेशल चलाई है, लेकिन बिना पूरी तैयारी के चलाई गई ये ट्रेनें यात्रियों के लिए मुसीबत बनती जा रही हैं। अधिकांश समर स्पेशल निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं। ऊपर से दिक्कत यह कि कभी इकोनाॅमी क्लास की जगह एसी थर्ड का कोच लगा दिया तो कभी एसी थर्ड की जगह स्लीपर का कोच। यात्रियों का कहना है कि सामान्य से अधिक किराया देने के बाद भी बिना सुविधा के ही यात्रा करना मजबूरी है।
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देश भर में 900 से अधिक समर स्पेशल चलाई गई हैं। गोरखपुर स्टेशन से 40-45 ट्रेनें गुजर रही हैं। गोरखपुर से मुंबई के बीच चलाई गई समर स्पेशल के यात्रियों ने पिछले महीने सीट नहीं मिलने के चलते हंगामा किया था। मामला यह था कि यात्रियों ने इकोनॉमी क्लास में टिकट बुक किया था और उसकी जगह पर एसी थर्ड श्रेणी के दो डिब्बे लगा दिए गए थे। जब ट्रेन चलने को हुई तो यात्री टिकट लेकर घूम रहे थे, लेकिन सीट नहीं मिल रही थी।
रास्ते में जब हंगामा बढ़ा तो लखनऊ में आनन-फानन में यात्रियों को बर्थ दिलाया गया। एक सप्ताह बाद फिर उसी ट्रेन में दिक्कत आई। हालांकि, उस वक्त गोरखपुर स्टेशन के अफसरों ने संवेदनशीलता दिखाई और तत्काल अफसरों से बात कर यात्रियों को सीट दिलाई।
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पुणे-गोरखपुर समर स्पेशल ट्रेन पुणे से गोरखपुर आते-आते 44 घंटे लेट हो गई थी। इसके चलते यहां के यात्रियों को तीसरे दिन ट्रेन मिली। बिहार से चलने वाली अधिकांश समर स्पेशल ट्रेनें गोरखपुर आते-आते लेट हो रही हैं। इसके चलते यहां ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्री परेशान होते हैं।
गुवाहाटी से कटरा जाने वाली समर स्पेशल में तो एसी थर्ड श्रेणी की जगह स्लीपर कोच लगाकर चला दिया गया। यात्री गुवाहाटी, हाजीपुर और छपरा स्टेशन पर शिकायत किए, पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत की, लेकिन जब अफसरों ने नहीं सुनी तो गोरखपुर आकर हंगामा करने लगे। इसके चलते फिर गोरखपुर स्टेशन पर यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
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भेजी गई पूरे मामले की रिपोर्ट
गोरखपुर स्टेशन पर गुवाहाटी-कटरा समर स्पेशल ट्रेन के यात्रियों के हंगामा करने के मामले की जानकारी संबंधित डिविजनों को भी भेजी गई है। अफसर बता रहे हैं कि इतनी बड़ी चूक के मामले में कार्रवाई जरूर होनी चाहिए। क्योंकि रेलवे का नियम है कि अगर कोच उपलब्ध नहीं था और उसकी जगह दूसरे श्रेणी का कोच लगाकर ट्रेन चलाई गई तो यात्रियों को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। यात्रियों को किराए के अंतर का भुगतान भी करने का प्रावधान है, लेकिन इस मामले में प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इसके अलावा जब यात्रियों ने हाजीपुर और छपरा में अपनी आपत्ति दर्ज कराई तो नियमानुसार गोरखपुर स्टेशन को इसकी सूचना दी जानी चाहिए थी, लेकिन इसका भी ध्यान नहीं दिया गया। इसके चलते गोरखपुर स्टेशन पर ट्रेन को करीब चार घंटे तक रुकना पड़ा। अगर यह सूचना पहले से होती तो वैकल्पिक व्यवस्था कर ट्रेन को जल्द चलाया जा सकता था।

कोट-
यात्रियों की सुविधा का ख्याल रखते हुए ही स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। जैसे ही किसी प्रकार की दिक्कत होती है, तत्काल उसके समाधान का प्रयास किया जाता है। गुवाहाटी से आई समर स्पेशल ट्रेन के यात्रियों को सभी जरूरी सुविधाएं दी गईं। सभी संबंधित को भी इससे अवगत करा दिया गया है।
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- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, पूर्वोत्तर रेलवे
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