रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी के अपहरण का मामला, चार बदमाशों की तलाश में दबिश दे रही पुलिस
गोरखपुर। रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी और बस्ती में तैनात सरकारी डॉक्टर सुषमा जायसवाल के पति अशोक जायसवाल के अपहरण के मामले में पुलिस क्राइम सीन को रीक्रिएट करेगी। पुलिस के मुताबिक, बदमाशों और अशोक जायसवाल में पहले से जान-पहचान के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि किसी नजदीकी व्यक्ति ने ही इस मामले में मुखबिरी की थी। इसके बाद बदमाशों ने रेकी कर वारदात को अंजाम दिया।
शनिवार को एसएसपी राजकरन नय्यर ने प्रेस वार्ता कर वारदात के बारे में जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि अशोक जायसवाल की पत्नी डॉ. सुषमा जायसवाल के पास शुक्रवार की सुबह 10 बजे के करीब फिरौती के लिए कॉल आई थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। शाहपुर पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया। उनको खोजने के लिए तत्काल छह टीमें गठित की गईं। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसमें तीन को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिकरीगंज क्षेत्र के ढेबरा बुजुर्ग निवासी श्याम सुंदर उर्फ गुड्डू यादव, बलुआ उर्फ बकुसड़क निवासी जर्नादन गौड़ और बेलघाट के चौतरापट्टी निवासी करुणेश कुमार दुबे के रूप में हुई। करुणेश ने ही अपहरण की साजिश रची थी। उसके खिलाफ बेलघाट थाने में हत्या की कोशिश समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। करुणेश दूबे प्रापर्टी डीलर हैं। वह कुछ दिन पहले फायरिंग के मामले में जेल भेजा गया था।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी गुड्डू सेना की नौकरी की तैयारी कर रहा था। आरोप जनार्दन गौड़ मछली पकड़ने का काम करता है। इन सभी से पुलिस पूछताछ कर रही है। इसके अलावा सिकरीगंज के जद्दू पट्टी निवासी कमालुद्दीन उर्फ कमालू, ढेबरा निवासी प्रीतम कुमार, गीडा थाना क्षेत्र के कोलिया दक्षिण निवासी शेरू सिंह और अंश की पुलिस तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने एक मोबाइल फोन, एक कार, एक तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। सभी आरोपी 22 से 28 साल की उम्र के हैं।
एसएसपी ने बताया कि वारदात में इस्तेमाल दूसरी कार अभी बरामद नहीं हुई है। चारों आरोपियों के पकड़े जाने के बाद पुलिस क्राइम सीन को रीक्रिएट करेगी।
दूसरे जिलों की पुलिस से बनाया समन्वय
एसएसपी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद ही सभी थानों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया था। आसपास के जिलों से भी समन्वय बनाया गया ताकि आरोपी उन्हें लेकर कहीं निकल न जाएं। इसका लाभ मिला। शाम तक उन्हें पकड़ लिया गया। बदमाशों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने 250 सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले।
ऑपरेशन अशोक को सफल बनाने वाली टीम होगी पुरस्कृत
पुलिस ने इस ऑपरेशन को ''''ऑपरेशन अशोक'''' नाम दिया था। एसएसपी ने बताया कि अलग-अलग टीमों ने मिलकर 12 घंटे के अंदर अशोक को खोज निकाला और उन्हें सकुशल घर पहुंचा दिया। इसके लिए टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।
बैंकॉक रहने वाले व्यक्ति के नाम के सिम कार्ड से मांगी फिरौती
एसएसपी ने बताया कि बदमाशों ने फिरौती के लिए व्हाट्सएप कॉल किया था। यह नंबर जिस व्यक्ति के नाम से है, वह बैंकॉक रहता है। नंबर भारत का ही था। आरोपी इसे बार-बार बंद-चालू कर रहे थे। दोनों बार बदमाशों ने इसी नंबर से कॉल किया था। वहीं, तीनों के मोबाइल फोन पर घटना के समय ढेर सारे कॉल आए हैं।
परिवार के बारे में जुटा रहे थे जानकारी
पीड़ित अशोक ने बताया कि बदमाश उनसे बार-बार परिवार के बारे में जानकारी हासिल करना चाहते थे। कार में उन्हें गलत जानकारी दे रहे थे क्योंकि डर था कि वे परिवार को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। शाम को वह पूछ रहे थे कि मैडम किस गाड़ी से आएंगी। वह किस रंग की है।
रोज स्विमिंग करने जाते हैं अशोक
रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी अशोक जायसवाल शाहपुर के पादरी बाजार स्थित जेल बाईपास के पास रहते हैं। वह रोज सुबह घर से दो किमी दूर रेलवे स्टेडियम में घूमने और स्विमिंग करने जाते थे। अशोक 1995 में गोरखपुर एयरफोर्स में आए थे। 2002 में वह पादरी बाजार में मकान लेकर रहने लगे। इनकी दो बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी अपूर्वा जायसवाल अमेरिका में आईटी कंपनी में नौकरी करती है। बेटा आयुष लखनऊ में पढ़ाई करता है। छोटी बेटी देवरिया के एक निजी अस्पताल में डॉक्टर है। पत्नी डॉ. सुषमा जायसवाल बस्ती के हरैया में 100 बेड अस्पताल की प्रभारी हैं। वह 2023 से बस्ती में तैनात हैं। इसके पहले वह सीएचसी पिपराइच में तैनात थीं।
अपहरण से पहले घर तक आ गए थे बदमाश
पुलिस के मुताबिक, अशोक जायसवाल रोज सुबह 5:30 बजे घर से निकलते थे। शुक्रवार को घर से 10 मिनट की देरी से निकले थे। तब बदमाश कार से उनके घर तक आए। फिर जब अशोक घर से निकले तो पीछे-पीछे अंडरपास तक गए। अंडरपास के अंदर घुसते ही कार लगाकर अशोक का बदमाशों ने अपहरण कर लिया। पत्नी ने बताया कि सुबह नौ बजे तक घर नहीं पहुंचे। हमने उनकी तलाश की मगर कहीं पता नहीं चला। करीब 10:30 बजे उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आई। कॉलर ने कहा- तुम्हारे पति अशोक जायसवाल मेरे पास हैं। अगर पति को जिंदा देखना चाहती हो तो एक करोड़ रुपये देने होंगे। बदमाशों ने अशोक की उनसे बात कराई। उन्होंने कहा- मेरा पुराना लेन-देन है। इसके बाद बदमाशों ने फोन काट दिया। इसके बाद वह शाहपुर थाने पहुंचीं और पुलिस को सूचना दी।
बदमाशों को ऐसे पकड़ा
पुलिस जांच कर ही रही थी कि शुक्रवार की शाम करीब पांच बजे के आसपास अशोक जायसवाल की पत्नी डॉ. सुषमा के पास दोबारा फिरौती की कॉल आई। इस पर पुलिस टीम सक्रिय हो गई। पुलिस ने डॉ. सुषमा को बदमाशों को रुपये देने की बातचीत में उलझाने को कहा। अशोक की पत्नी ने बदमाशों से कहा- मैंने पैसे का इंतजाम कर लिया है। पैसे कहां देने हैं, जगह बताइए। बदमाशों ने उन्हें कालेसर जीरो पॉइंट बुलाया। वह जीरो पॉइंट पहुंचीं। बदमाश जैसे ही रुपये लेने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। अशोक जायसवाल को उनके चंगुल से छुड़ा लिया। पुलिस ने बताया कि आठ पुलिसकर्मी सिर्फ सीसीटीवी कैमरे खंगाल रहे थे। उन्होंने करीब 250 कैमरे चेक किए। बताया कि शुक्रवार शाम पुलिस को देखकर बदमाशों ने भागने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस ने उनकी घेराबंदी की। भागते समय करुणेश, गुड्डू और जनार्दन गिर गए। इसमें करुणेश और गुड्डू का पैर फ्रैक्चर हो गया।