गोरखपुर। कीटनाशक बेचने वाले अपनी दुकानों का सत्यापन अवश्य करा लें, अन्यथा दुकानें निरस्त हो जाएंगी। यदि एक बार दुकान निरस्त हो गई तो दोबारा वह बहाल नहीं होगी। दोबारा दूसरे के नाम से दुकान एलाट होगी और फिर उसके लिए सभी नई प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस लिए जिन कीटनाशक दुकानदारों सत्यापन के लिए नोटिस जा रहा है वह दुकानों का सत्यापन अवश्य करा लें।
यह कहना है जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. आर डी वर्मा का। उन्होंने बताया कि जिले में कीटनाशक बेचने वाली 700 दुकानें पंजीकृत हैं। हर साल 50 प्रतिशत दुकानों का सत्यापन होता है। इस साल 402 दुकानों का सत्यापन किया जाना है। पहले यह व्यवस्था नहीं थी। 2015 में अधिनियम में परिवर्तन कर दिया गया है। यह इस लिए होता है कि बहुत से लोग लाइसेंस लेकर दुकान नहीं चलाते थे। इस लिए अब सत्यापन हो रहा है। सत्यापन के लिए कीटनाशक बेचने वाला लाइसेंस, कैशमेमों, स्टाक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर,को कार्यालय में जमाकर सत्यापन कराना आवश्यक है। जो अपनी दुकानों का सत्यापन नहीं कराएंगे उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।