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Gorakhpur News: फर्जी डिग्री बेचने वाले सरकारी अस्पताल के डॉक्टर राजेश की सेवा समाप्त

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23 फरवरी को 21 फर्जी डिग्री के साथ डॉक्टर और उसके दोस्त को किया गया था गिरफ्तार
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डॉक्टर के नाम की एमबीबीएस की डिग्री मिली थी फर्जी, अब उसकी आयुष की डिग्री की भी होगी जांच

गोरखपुर। मेडिकल की फर्जी डिग्री बेचने के आरोपी सरकारी अस्पताल के डॉक्टर राजेश कुमार की सेवा समाप्त कर दी गई है। एसीएमओ डॉ. एके चौधरी ने जेल प्रशासन को भी पत्र भेजा है ताकि डॉक्टर राजेश को भी इसकी जानकारी मिल सके। एसीएमओ डॉ. एके चौधरी ने बताया कि आरोपी डॉक्टर की संविदा पर तैनाती थी, उनकी सेवा समाप्त कर दी गई है।
डॉ. राजेश कुमार के पास से कर्नाटक की राजीव गांधी यूनिवर्सिटी की एमबीबीएस की फर्जी डिग्री मिली थी जबकि खोराबार पीएचसी पर आयुष की डिग्री पर उसकी तैनाती हुई थी। स्वास्थ्य विभाग अब आयुष की डिग्री की जांच भी करेगा। पूछताछ में उसने फर्जी डिग्री छापने वाले सरगना और एक अन्य साथी का नाम बताया है। खोराबार पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। पुलिस की एक टीम सरगना को पकड़ने के लिए पश्चिम यूपी के एक जिले की पुलिस के संपर्क में है।
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जानकारी के मुताबिक, डॉ. राजेश के खिलाफ सितंबर 2024 में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत उरुवा बाजार थाना क्षेत्र के लोहरा निवासी सूर्य प्रताप सिंह ने केस दर्ज कराया था। सूर्य प्रताप ने बताया था कि 20 नवंबर 2022 को उसकी मुलाकात डॉ. राजेश से हुई थी। आरोप था कि डॉ. राजेश ने उसके परिचित के शिकोहाबाद में स्थित कॉलेज में डी-फार्मा में एडमिशन कराने के नाम पर प्रथम वर्ष की फीस 80 हजार रुपये ली थी। 13 मार्च 2023 को एडमिड कार्ड और रिजल्ट दोनों दे दिया और बोला पेपर हो गया आप पास हो गए।
संदेह होने पर प्रथम वर्ष का रिजल्ट लेकर 08 सितंबर 2023 को सूर्य प्रताप शिकोहाबाद के जेएस विश्वविद्यालय गया, वहां के बाबू को दिखाया तो उन्होंने फर्जी रिजल्ट बताते हुए फेंक दिया। इसके बाद कई बार डॉ. राजेश से संपर्क किया तो वह कोई जवाब नहीं दे सके। इसके बाद केस दर्ज कराया। सूर्य प्रकाश की ओर से दर्ज कराए गए केस के आधार पर खोराबार पुलिस ने 23 फरवरी को डॉ. राजेश कुमार और संतकबीरनगर के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र निवासी उसके साथी सुनील चौधरी को गिरफ्तार किया। इनके पास से मेडिकल की 21 फर्जी डिग्रियां मिलीं थीं।
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कोट-
पश्चिम यूपी के एक जिले का रहने वाला एक आरोपी फर्जी डिग्री छापता है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही है। संबंधित जिले की पुलिस से संपर्क भी किया गया है।

- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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