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Gorakhpur News: अर्पित हॉस्पिटल के संचालक की डिग्री पर भी शक, जांच शुरू

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खोराबार पीएचसी के सरकारी डॉक्टर के बाद अब प्राइवेट डॉक्टर भी संदिग्ध
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अर्पित हॉस्पिटल सील कर संचालक प्रवीण कुमार को पुलिस भिजवा चुकी है जेल

संचालक खुद को बताता था डॉक्टर, अब उसकी डिग्री की पुलिस ने शुरू की जांच

गोरखपुर। अर्पित हॉस्पिटल प्रकरण की जांच में नए-नए खुलासा हो रहे हैं। खोराबार पीएचसी के सरकारी डॉक्टर के बाद अब इस प्राइवेट हॉस्पिटल के संचालक की डिग्री भी फर्जी होने की आशंका है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इसमें पता चला है कि अभी तक संचालक एमबीबीएस की जो डिग्री रूस से हासिल की गई बता रहा था, वह इटली के अर्बनिया के किसी संस्थान से जारी हुई है। अभी तक की जांच में डिग्री का कहीं कोई रिकाॅर्ड नहीं मिला है। डिग्री फर्जी होने पर संचालक पर दर्ज केस में एक और धारा बढ़ सकती है।
गुलरिहा पुलिस को इस केस में एक सप्ताह में चार्जशीट तैयार कर दाखिल करने की मोहलत मिली है। इसके बाद पुलिस ने जांच भी तेज कर दी है। अर्पित हॉस्पिटल के संचालक के खिलाफ पीड़ित और एडिशनल सीएमओ की तहरीर पर दो केस दर्ज किए जा चुके हैं। जबकि राजघाट के हांसूपुर निवासी डॉ. साकिब सलीम पर डिग्री लगाकर झूठा शपथ पत्र देकर हॉस्पिटल का पंजीकरण कराने के आरोप में केस दर्ज हुआ है। दोनों ही केस की जांच पूरी कर पुलिस को जल्द चार्जशीट दाखिल करनी है। इस मामले में आरोपी हॉस्पिटल संचालक प्रवीण सिंह, डॉ. साकिब सलीम, हॉस्पिटल मैनेजर तुषार, बिचौलिया अमन गुप्ता, 108 एम्बुलेंस चालक व ईएमटी चालक जेल में बंद हैं। पुलिस आरोपियों पर गैंगस्टर लगाने की तैयारी कर रही है।
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झूठा शपथ पत्र देने वालों डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई
अर्पित हॉस्पिटल प्रकरण सामने आने के बाद अब सीएमओ की टीम ने जांच तेज कर दी है। ऐसे हॉस्पिटल की तलाश चल रही है, जिसका ऐसे डॉक्टर की डिग्री पर पंजीकरण है, जो कहीं और अपनी सेवाएं दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग भी अब झूठा शपथ पत्र देने वाले डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई करने के मूड में है।

देवरिया की पीड़िता का कोर्ट में दर्ज कराया जाएगा बयान
अर्पित हॉस्पिटल केस को मजबूत करने के लिए पुलिस देवरिया की पीड़िता लक्ष्मी का बयान कोर्ट में दर्ज कराएगी। इसके लिए पीड़िता से पुलिस ने संपर्क किया है। 17 जनवरी को देवरिया के सलेमपुर क्षेत्र के वार्ड नंबर-11 भरौली निवासी लक्ष्मी देवी देवरानी लीलावती के बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर 108 नंबर एंबुलेंस से बीआरडी मेडिकल काॅलेज में भर्ती करने के लिए लेकर आई थीं। बाल रोग सेवा संस्थान के कर्मचारियों ने बताया कि वेंटिलेटर खाली नहीं है। बीआरडी से बाहर निकलीं तो अमन गुप्ता नाम के बिचौलिए ने एंबुलेंस चालक को कुछ रुपये देकर मरीज अर्पित अस्पताल को बेच दिया था। आरोप है कि हालत में सुधार न होने पर लक्ष्मी देवी ने अस्पताल प्रशासन से रेफर करने के लिए कहा तब संचालक ने बच्चे को गलत इंजेक्शन लगाकर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद लक्ष्मी ने गुलरिहा थाने में केस दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच की तो बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया।
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कोट-

देवरिया की पीड़िता से संपर्क किया गया है। बहुत जल्द कोर्ट के समक्ष बयान दर्ज कराया जाएगा। इस केस में एक सप्ताह में चार्जशीट दाखिल करने का लक्ष्य दिया गया है।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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