गोरखपुर। शाहपुर के जेल रोड मेसी कंपाउंड निवासी सरफराज (25) गिरोह बनाकर चोरी और लूट करता है। किशोर अवस्था में ही स्मैक के नशे की आदत लगी और चोरी, लूट करने लगा। एक बार बाल सुधार गृह भी भेजा जा चुका है। वहां से छूटकर आने के बाद वर्ष 2018 में कैंट इलाके में एक घर में घुसकर चोरी की और गृह स्वामी पर हमला भी किया। इस मामले में जेल से छूटने के बाद 2019 में बेलीपार में घटना को अंजाम दिया। इसके बाद पुलिस को चुनौती देने लगा।
लगातार अपराध में सक्रिय रहकर सरफराज ने अपना गिरोह तैयार कर लिया। इस वजह से वर्ष 2021 में मास्टरमाइंड सरफराज, रवि गौड़, अमित शर्मा और सुजीत कुमार पर राजघाट थाने में गैंगस्टर एक्ट का केस दर्ज किया गया। इसके बाद बोलेरो से वारदात को अंजाम देने जाते समय चारों आरोपियों को राजघाट पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवाया। पुलिस के अनुसार, सरफराज का गिरोह घूम-घूमकर अलग-अलग थाना क्षेत्रों में रेकी कर चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम देता है। रेकी कर जिस घर में ताला बंद रहता है, उन घरों को ये निशाना बनाते हैं। ताला तोड़कर, नकबजनी कर ये वारदात को अंजाम देते हैं। सरफराज नशे का अवैध धंधा करते हुए भी पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने बताया कि सरफराज हमेशा अपने साथ पिस्टल लेकर चलता है। छह दिसंबर को रामगढ़ताल क्षेत्र में तेल भराने की बात को लेकर सरफराज ने गोली चलाकर दहशत फैला दी थी। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा था। इसके बाद केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया।
ए टाइप की खोली गई हिस्ट्रीशीट
शाहपुर थाने में सरफराज की ए टाइप की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। बीट पुलिस इसकी निगरानी भी करती है। 15 दिन पहले शाहपुर पुलिस सरफराज के घर गई थी। घर पर उसकी मां मिली थी, वह बताई कहीं रिश्तेदारी में गया है। इसके बाद पुलिस ने चेतावनी दी थी कि जमानत पर बाहर है, लेकिन कहीं भी बेटा अपराध करेगा तो सख्त कार्रवाई होगी।