बेलीपार के चेरियां गांव में दो युवकों की मौत का मामला
गोरखपुर। प्रधान की लापरवाही से परिवार का एकलौता बेटा और चार बहनों का भाई सागर कन्नौजिया (20) अब इस दुनिया में नहीं है। उसके दो बहनों की शादी हो चुकी है। अब दो और बहनों की शादी पर संकट के बादल छा गए। वहीं उपेंद्र (20) की मौत के बाद मजदूर के पिता के सारे सपने चकनाचूर हो गए हैं।
दो युवकों की मौत से चेरियां गांव में कोहराम मच गया है। ग्रामीणों ने बताया कि सागर क्षेत्र के ही इंटर कॉलेज में इस बार दसवीं की परीक्षा देकर पास हुआ था। इसके पिता हौसिला बाहर रहकर पेंट पाॅलिश का काम करते हैं। बेटे की मौत की सूचना के बाद वह घर आने के लिए निकल गए हैं। सागर चार बहनों में तीसरे नंबर पर था। दो बहनों की शादी हो चुकी है। उसकी दो बहनों शादी होनी बाकी है। ग्रामीणों ने बताया कि सागर हमेशा अपने पिता से कहता था कि दो बहनों की शादी की चिंता छोड़ दीजिए, इस जिम्मेदारी को वह पूरा करेगा। वह पढ़ने में भी बहुत अच्छा था।
जानकारी के मुताबिक, उपेंद्र निषाद दो भाइयों में छोटा था। बड़ा भाई नागेंद्र पिता के साथ बाहर रहकर मजदूरी करता है। इधर, पिता उदयभान घर आए हुए हैं। पिता ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से उपेंद्र ने दो साल पहले ही पढ़ाई छोड़ दी थी। इसके बाद से वह भी काम में लग गया था। उसे हमेशा घर की चिंता रहती थी।
दोनों दोस्तों का साथ में किया गया दाह संस्कार
पुलिस के मुताबिक, सुबह करीब 11 बजे प्रधान की कार से कुचलकर दोनों युवकों की मौत हुई थी। ग्रामीणों के मुताबिक, उपेंद्र और सागर अच्छे दोस्त थे। दोनों हमेशा साथ देखे जाते थे। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के बाद शाम के समय एक साथ चेरियां गांव में दोनों दोस्तों का शव आया तो चीख पुकार मच गई। कोई अपने आंसुओं को नहीं रोक पाया। देर शाम गांव के किनारे घाट पर दोनों दोस्तों का एक ही साथ दाह संस्कार किया गया। इस दौरान बेलीपार पुलिस भी वहां मौजूद रही।
तड़पते हाल में छोड़कर भागे
ग्रामीणों का कहना है कि बलुईगाड़ा के ग्राम प्रधान कार से तीन अन्य लोगों के साथ तेज रफ्तार में कार चला रहा था। उसकी लापरवाही से दोनों मौतें हो गईं। हादसे के बाद दोनों युवक सड़क किनारे तड़प रहे थे, यह देखकर भी प्रधान का दिल नहीं पसीजा। उसी हाल में छोड़कर वह भाग गया।