यूपी को मिला 19,858 करोड़ का रेल बजट, पिछले साल की तुलना में 10 करोड़ ज्यादा
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी क्षेत्रीय रेल जोन में पत्रकारों को दी बजट की जानकारी
गोरखपुर। आम बजट में इस बार यूपी के हिस्से में रेल बजट के तौर पर 19,858 करोड़ रुपये मिले हैं, जो पिछले साल की तुलना में 10 करोड़ ज्यादा है। उत्तर प्रदेश में पिछले 10 सालों में 5200 किलोमीटर ट्रैक बिछाई गई है, जो कि पूरे स्विट्जरलैंड के रेलवे ट्रैक की लंबाई से अधिक है। पुणे, बंगलूरू, चेन्नई और दिल्ली में नए टर्मिनल बनाए जा रहे हैं। अमृत स्टेशन के तौर पर गोरखपुर जंक्शन का पुनर्विकास हो रहा है। आगामी दिनों में यहां से दिल्ली-मुंबई, पुणे और अन्य जगहों के लिए ज्यादा संख्या में ट्रेनें चलाई जाएंगी।
रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्वनी वैष्णव ने सोमवार को यह जानकारी दी। वह वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पत्रकार वार्ता के दौरान सभी क्षेत्रीय रेलवे को रेल बजट की जानकारी दे रहे थे। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश के लिए स्वीकृत रेल परियोजनाओं को समय से पूरा कराने में विशेष रुचि ली।
रेलमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सभी रेल मार्गों का विद्युतीकरण हो चुका है। प्रदेश में 4000 किलोमीटर ट्रैक को कवच से कवर किया जाएगा। इस काम को अगले पांच साल में पूरा किया जाएगा। गोरखपुर, लखनऊ एवं वाराणसी से अमृत भारत एक्सप्रेस के संचलन संबंधी प्रश्न का उत्तर देते हुए रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि अमृत भारत ट्रेनों के लिए सुनियोजित तरीके से कार्य किया जा रहा है। पुणे, बंगलूरू, चेन्नई और दिल्ली में नए टर्मिनल बन रहे हैं। आगामी चार वर्षों में इन स्टेशनों के लिए कई गाड़ियां चलाई जा सकेंगी। रेलमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 157 स्टेशनों को अमृत स्टेशन के रूप में विकसित कर उनकी क्षमता बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि 14 वंदे भारत ट्रेनों का संचलन 20 जिलों से होकर किया जा रहा है। दरभंगा-आनंद विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस का उत्तर प्रदेश के 10 जिलों में 10 स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है। टिकट पर रियायत के सवाल पर कहा कि प्रत्येक यात्रा टिकट पर 55 प्रतिशत की रियायत दी जाती है। इस वर्ष 740 करोड़ यात्रियों ने भारतीय रेल से यात्रा की। जुलाई, 2024 से अबतक 40,000 करोड़ की लागत की रेल परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।