शाहपुर के संगम चौराहा स्थित हिमांशु अस्पताल का मामला, परिजन शव को लेकर चले गए गांव
परिजन मरीज को ले जाना चाहते थे हायर सेंटर
पादरी बाजार (गोरखपुर)। शाहपुर इलाके के संगम चौराहा स्थित हिमांशु अस्पताल में रविवार रात रुपये के लिए मरीज लालमति देवी (45) को डिस्चार्ज न करने का मामला सामने आया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर डॉक्टर से बात कर मरीज को डिस्चार्ज कराया। हालांकि, कुछ देर में मरीज की मौत हो गई। परिजन मरीज के शव को लेकर अपने गांव चले गए।
देवरिया जनपद के सलेमपुर स्थित नवलपुर निवासी लालमति देवी को 21 सितंबर की सुबह पेट और सीने में दिक्कत हुई। इसके बाद परिजनों ने देवरिया स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां कुछ राहत नहीं मिलने पर किसी ने गोरखपुर के अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। वहां से परिजन शाम को मरीज को एंबुलेंस से उस अस्पताल में लेकर जा रहे थे। रास्ते में एंबुलेंस चालक ने उन्हें बेहतर इलाज का भरोसा दिलाकर संगम चौराहा स्थित हिमांशु अस्पताल में भर्ती करा दिया। वह छह दिनों से गंभीर हालत में भर्ती थीं। जब यहां भी कोई राहत नहीं मिली तो उनके परिजन हायर सेंटर ले जाने के लिए अस्पताल प्रशासन से डिस्चार्ज के लिए निवेदन कर रहे थे। मगर अस्पताल प्रशासन डिस्चार्ज नहीं कर रहा था। परिजनों का आरोप है कि गहने बेचकर 1.30 लाख रुपये इलाज के लिए जमा किए। इसके बाद भी 1.26 लाख रुपये की मांग की जा रही थी।
हिमांशु अस्पताल के संचालक डॉ. एसके शर्मा ने बताया कि मरीज की हालत उसी दिन से गंभीर थी। कई बार उनसे के परिजनों से कहा भी हायर सेंटर ले जाएं। इलाज में जो रुपये खर्च हुए उसी को मांगा जा रहा था। अधिक रुपये लेने की बात गलत है।
शाहपुर प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार राय ने बताया कि सूचना पर रविवार की रात पुलिस गई थी। डॉक्टर से बात करके मरीज को डिस्चार्ज कराया गया था। परिजन प्रार्थना पत्र देंगे तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।