शादी रजिस्टर्ड कराते समय पंडित जी बोलेंगे-हां मैंने कराई है शादी
सात जून से नया मैरिज एक्ट लागू होने के बाद गोरखपुर में 12 शादियों में पंडित बन चुके हैं गवाह
गोरखपुर। अब बिना परिवार की सहमति के कोर्ट मैरिज करने वाले युगल के लिए पंडित जी की भूमिका अहम होगी। पंडित जी पहले रस्म के अनुसार शादी कराएंगे और फिर कोर्ट में सबूत के साथ गवाही देंगे। विवाह पंजीकरण के नियमों में बदलाव के बाद गोरखपुर में 12 शादियां रजिस्टर्ड हो चुकी हैं जिनमें पंडित जी ने कहा...हां मैंने कराई है शादी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने विवाह पंजीकरण के नियमों में बदलाव किया है, जिसे छह जून 2005 को लागू कर दिया गया है। इसके तहत अब शादी के पंजीकरण के लिए कुछ नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन नए नियमों के अनुसार, विवाह पंजीकरण के समय अगर वर-वधू दोनों पक्षों के लोगों की सहमति नहीं होती है या एक पक्ष की सहमति है तो भी शादी कराने वाले पुरोहित (पंडित जी) या निकाह कराने वाले मौलवी को गवाह के रूप में उपस्थित होना होगा।
शादी के पंजीकरण के लिए वर-वधू या उनके माता-पिता के निवास स्थान की तहसील के सब रजिस्ट्रार कार्यालय में आवेदन करना होगा। इस नियम के लागू होने के बाद अब तक 12 शादियां रजिस्टर्ड हुई हैं और सभी में पंडित जी ने गवाही दी है। गवाही के साथ ही विवाह का वीडियो रिकॉर्डिंग निबंधन कार्यालय में निबंधन अधिकारी को उपलब्ध कराया है।
सदर तहसील में एक पंडित जी तीन शादियाें में गवाह बन चुके हैं। पंडित शिव प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने भी एक शादी में गवाही दी है और साथ में शपथ पत्र भी देना पड़ा।
हर माह 50 शादियां होती हैं रजिस्टर्ड
गोरखपुर निबंधन कार्यालय में हर महीने औसतन 50 शादियां रजिस्टर्ड होती हैं। ज्यादातर विदेश जाने वाले या सेना में नौकरी करने वाले लोग शादी होने के बाद विवाह को रजिस्टर्ड करवा रहे हैं।
शादी वाले साल 10 रुपये लगेगा शुल्क
जिस साल शादी हुई है उसी साल निबंधन कार्यालय में रजिस्टर्ड कराने पर 10 रुपये शुल्क लगेगा। अगर देर से रजिस्टर्ड कराते हैं तो 50 रुपये सालाना शुल्क देना होगा।
शपथ पत्र में यह देना होगा
- शादी कराने वाले पंडित का पूरा नाम
- पिता का नाम
- स्थायी पता
- आधार कार्ड नंबर
- मोबाइल नंबर
- नवीन फोटो
- वैवाहिक कार्यक्रम की वीडियो रिकाॅर्डिंग