वर्ष 2022 में लखनऊ से आए थे चार जोड़े विदेशी पक्षी पेंटेड स्टार्क
तीन वर्ष बाद अब इनका कुनबा बढ़ाने की हो रही तैयारी
गोरखपुर। चिड़ियाघर का वातावरण विदेशी पक्षियों को भी रास आने लगा है। यहां उन्हें संरक्षित करने और उनकी संख्या बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। वर्ष 2022 में लखनऊ चिड़ियाघर से लाए गए चार जोड़े विदेशी पक्षी पेंटेड स्टार्क अब गोरखपुर के वातावरण में पूरी तरह घुल-मिल गए हैं। अब चिड़ियाघर प्रशासन उनकी प्रजनन प्रक्रिया (ब्रीडिंग) कराने की तैयारी कर रहा है।
पेंटेड स्टार्क मूल रूप से दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के पक्षी हैं। ये भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमार, थाईलैंड और कंबोडिया जैसे देशों में प्रमुख रूप से पाए जाते हैं। आकर्षक रंगत और शांत स्वभाव के कारण इन्हें चिड़ियाघरों में रखा जाता है। वर्ष 2022 में चिड़ियाघर के लोकार्पण से पहले इन्हें लखनऊ से लाया गया था।
चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि पेंटेड स्टार्क की सफल ब्रीडिंग के लिए शांत, सुरक्षित और प्राकृतिक वातावरण आवश्यक है। इसके लिए विशेष घोंसले तैयार किए जा रहे हैं। पानी का पर्याप्त स्रोत, ऊंचे पेड़ और खुले आसमान का होना जरूरी है ताकि पक्षी सहज महसूस करें। साथ ही उनके खानपान और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
यह है इनकी खासियत
पेंटेड स्टार्क मध्यम आकार के बगुला प्रजाति के पक्षी हैं। इनके पंखों पर गुलाबी, सफेद और काले रंग की सुंदर धारियां होती हैं जो इन्हें विशिष्ट बनाती हैं। ये कीचड़ वाले जलाशयों और दलदली क्षेत्रों में रहना पसंद करते हैं और मुख्य रूप से छोटी मछलियों, मेंढ़क व जलीय कीड़ों पर निर्भर रहते हैं। दर्शकों को भी इनकी सुंदरता और स्वभाव बेहद आकर्षित करता है।