ओवरब्रिज की लंबाई 674 और चौड़ाई करीब 17 मीटर होगी, बनेंगे कुल 26 पिलर, 69 करोड़ रुपये से निर्माण
कैंट रेलवे स्टेशन तक पहुंचने की राह होगी आसान, 15 कॉलोनियों के लोग भी बचेंगे जाम से
गोरखपुर। कैंट रेलवे स्टेशन स्थित 157-ए स्पेशल रेलवे क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण जल्द शुरू होगा। रेल प्रशासन ने जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग (जीएडी) तैयार करने के बाद खर्च का इस्टीमेट फाइनल कर लिया है। करीब 69 करोड़ रुपये से इसका निर्माण होगा। ओवरब्रिज की लंबाई 674 मीटर और चौड़ाई करीब 17 मीटर होगी। इसमें 26 पिलर बनाए जाएंगे। अनुमोदन मिलने के बाद अब टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
फाइनल डिजाइन में तय हुआ है कि रेलवे क्रॉसिंग के बाद स्टेशन की ओर पुल को एल आकार में बनाया जाएगा। इस ओवरब्रिज के बनने से स्टेशन तक पहुंचने में यात्रियों को आसानी होगी वहीं आसपास की 15 से ज्यादा कॉलोनियों के लोगों और स्कूली बच्चों को क्राॅसिंग पर जाम में नहीं फंसना पड़ेगा।
प्रस्ताव के मुताबिक, कैंट स्थित रेलवे क्राॅसिंग पर यह ओवरब्रिज टू लेन में बनेगा और निर्माण पर 69 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दिसंबर 2024 में इसे रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिली थी। दो बार डिजाइन में बदलाव किया गया। ओवरब्रिज के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल रही थी। इसे देखते हुए ओवरब्रिज को जीआरडी स्कूल के अंतिम छोर के सामने से उठाया जाएगा और रेलवे क्रॉसिंग के तत्काल बाद 350 मीटर की लंबाई में एल शेप में कर दिया जाएगा। यहां से टू लेन बनाकर ओवरब्रिज को कनेक्ट किया जाएगा।
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इन कॉलोनियों के लोगों को मिलेगी राहत
सैनिक विहार कॉलोनी, पवन विहार कॉलोनी, एयरफोर्स कॉलोनी, विष्णु विहार कॉलोनी, टीचर्स कॉलोनी, कोड़इया, गायत्री नगर, राहुल नगर, सिंहासनपुर, काशीपुरम, अयोध्यापुरम, दरगहिया, लालगंज, झरना टोला, मोहनापुर, उचवां, नाथनगर और बिछिया।
जाम में नहीं फंसेंगे स्कूली बच्चे और मरीज
एयरफोर्स हॉस्पिटल, केंद्रीय विद्यालय, नीना थापा इंटर कॉलेज, एयरफोर्स स्कूल, आर्मी पब्लिक स्कूल, सेंट स्टीफेंस लिटिल काॅन्वेंट स्कूल, जानकी मॉडर्न स्कूल और जेसी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में शहर से बच्चे पढ़ने आते हैं। इनमें ज्यादातर बच्चे बस या ऑटो, वैन से जाते हैं। रेलवे क्रॉसिंग का फाटक गिरने के चलते अक्सर जाम में फंस जाते हैं और स्कूल पहुंचने में देर होती है। एम्स या अन्य अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीज बड़ी संख्या में कैंट स्टेशन पर ही उतरते हैं। इन्हें भी क्रॉसिंग की वजह से देर होती है। ओवरब्रिज बनने पर लोग फर्राटा से निकल जाएंगे।
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160 से ज्यादा ट्रेनें, दिन भर दौड़ते हैं इंजन
कैंट रेलवे क्राॅसिंग से होकर रोजाना करीब 160 से ज्यादा ट्रेनें और मालगाड़ी गुजरती हैं। इसके अलावा दिन में भी शंटिंग के लिए इंजन दौड़ते रहते हैं। इसके चलते लगातार क्राॅसिंग गिरा रहता है। सबसे ज्यादा दिक्कत सुबह स्कूल और ऑफिस जाते और दोपहर में लौटते समय होती है।
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कोट
गोरखपुर कैंट में स्थित रोड ओवरब्रिज का कार्य स्वीकृत है। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस रोड पर ओवरब्रिज बन जाने से रेल उपयोगकर्ताओं के साथ साथ सड़क उपयोगकर्ताओं को भी राहत मिलेगी।
- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनईआर