गोरखपुर। अब कुसम्ही से बैतालपुर के बीच करीब 29 किलोमीटर लंबे रेल खंड पर ट्रेनें एक ही ट्रैक पर आगे-पीछे चल सकेंगी। मंगलवार शाम पांच बजे इसके लिए चौरीचौरा से बैतालपुर के बीच नान इंटरलाकिंग का कार्य पूरा करने के बाद ट्रायल शुरू हो गया। देर रात इस रूट पर दो दिन के लिए लिया गया मेगा ब्लॉक भी खत्म हो गया।
पूर्वोत्तर रेलवे ने अपने सबसे व्यस्त रूट बाराबंकी-गोरखपुर-छपरा के बीच ऑटो ब्लॉक सिग्नल सिस्टम लगाने का काम शुरू किया है। पहले चरण में लखनऊ मंडल में बस्ती से गोरखपुर के बीच काम चल रहा है। इसी चरण में वाराणसी मंडल में कुसम्ही से बैतालपुर के बीच भी काम हो रहा है। इसमें कुसम्ही से चौरीचौरा के बीच दो महीने पहले काम पूरा हो गया था। अब चौरीचौरा से बैतालपुर के बीच लगे सिग्नल के लिए सोमवार व मंगलवार को इंटरलाकिंग कार्य कराया गया। इसके लिए 18 व 19 नवंबर को रेल प्रशासन ने मेगा ब्लॉक लेते हुए 34 ट्रेनें निरस्त की थीं और 18 ट्रेनों को रास्ता बदलकर चलाया। मंगलवार शाम पांच बजे इंटरलाकिंग कार्य पूरा हो गया। इसके बाद टेस्टिंग ब्लॉक लिया गया। रात करीब 11 बजे टेस्टिंग ब्लॉक में इस ट्रैक पर मालगाड़ी गुजारी गई। इसके बाद ट्रेनें चलने लगीं।