ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते शक के मामले
बुधवार को गुलरिहा और पिपराइच में ग्रामीणों ने मंदबुद्धि समेत सात को पीटा
गुलरिहा। ग्रामीण क्षेत्रों में हाल के दिनों में कई बार बेगुनाह लोगों के साथ ऐसा घटनाक्रम देखने को मिल रहा है, जिसमें उन्हें चोर समझकर पीटा जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार की रात थाना क्षेत्र के एक गांव में एक युवक प्रेमिका से मिलने गया लेकिन ग्रामीणों ने उसे चोर समझकर पकड़ लिया। इसके बाद उसकी पिटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने युवक का शांतिभंग में चालान कर दिया।
जानकारी के अनुसार, युवक पिपराइच थाना क्षेत्र का रहने वाला है। बुधवार देर रात वह अपनी शादीशुदा प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा था। घर के आसपास कुछ ग्रामीण जाग रहे थे और अंधेरे में युवक को घर में प्रवेश करते देख उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। चोर-चोर के शोर से माहौल तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों ने युवक को पकड़ लिया। मामले की जानकारी के बाद गुलरिहा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में ले लिया।
प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह ने बताया कि युवक का शांति भंग में चालान किया गया है। युवक के खिलाफ कोई अन्य अपराध पाए जाने की जानकारी नहीं है।
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संदिग्ध व्यक्ति को देखकर पुलिस को दें सूचना
एसपी सिटी अभिनव त्यागी का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा के प्रति बढ़ती सतर्कता अच्छी बात है लेकिन असमय निर्णय और अफवाहें अक्सर निर्दोष लोगों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति को देखकर सीधे कार्रवाई करने की बजाय पहले पुलिस को सूचना दें। इसके लिए पुलिस टीमें लगातार गांवों में जाकर लोगों को जागरूक भी कर रही हैं।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले
मंगलवार को गुलरिहा के जंगल अयोध्या प्रसाद में ग्रामीणों ने चार युवकों को चोर समझकर पीट दिया था। बाद में पता चला कि चारों अप्राकृतिक संबंध बना रहे थे। वहीं पिपराइच में ग्रामीणों ने एक मंदबुद्धि की पिटाई कर दी थी। बृहस्पतिवार को एक बार फिर गुलरिहा में ग्रामीणों ने चोर समझकर प्रेमिका से मिलने आए युवक की पिटाई कर दी। यह घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती गलतफहमी और सतर्कता की खतरनाक सीमा को उजागर करती हैं। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों को समझाने के लिए सतर्कता अभियान भी तेज कर दिया है, ताकि इस तरह की गलतफहमियों से बचा जा सके और किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ किसी भी तरह की हिंसा या अनुचित व्यवहार न हो।