दिल्ली में केवल बीएस 6, सीएनजी और ईवी वाहनों को ही मिलेगा प्रवेश
परिक्षेत्र से दिल्ली के लिए संचालित होती हैं पुराने मॉडल की 30 बसें
गोरखपुर। गोरखपुर परिक्षेत्र से यूपी रोडवेज की खटारा बसें अब दिल्ली नहीं जाएंगी। दिल्ली सरकार की सख्ती के बाद परिवहन आयुक्त ने आरएम और एआरएम को निर्देश देते हुए कहा कि वह किसी भी दशा में आयु पूरी कर चुकी बसों का संचालन न कराएं। साथ ही मानक पर खरी बसों को ही दिल्ली भेजें।
गोरखपुर परिक्षेत्र के आठ डिपो से हर दिन दिल्ली के साथ ही प्रदेश के सभी जिलों के 924 बसें संचालित होती हैं। सिर्फ गोरखपुर से ही गोरखपुर डिपो की 231 और राप्तीनगर डिपो की 109 बसों को मिलाकर कुल 340 बसें संचालित होती हैं। इनमें परिक्षेत्र से करीब 100 से अधिक बसें प्रतिदिन दिल्ली के लिए चलाई जाती हैं। गोरखपुर डिपो से दिल्ली के लिए चलने वाली सभी बसें बीएस-6 मॉडल की हैं लेकिन अन्य डिपो के बेड़े में अभी भी करीब 30 बसें पुरानी बसें दिल्ली के लिए संचालित हो रही हैं।
दिल्ली में प्रवेश की सख्ती के बाद इन बसों को कौशांबी में ही रोक दिया जा रहा है। यहां से यात्री दूसरे वाहनों के माध्यम से दिल्ली जा रहे हैं। परिवहन आयुक्त की सख्ती के बाद अब परिवहन क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह ने सभी परिक्षेत्र के सभी एआरएम को निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी दशा में मानक के विपरीत बसें दिल्ली न भेजी जाए।
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इन बसों को ही मिलेगा प्रवेश
ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट, संस्थागत, स्कूल बसें और अन्य सेवा परमिट से जुड़ी बसें भी केवल सीएनजी, ईवी, बीएस-6 डीजल आधारित होने पर ही दिल्ली में प्रवेश पा सकेंगी। आदेश में यह भी साफ किया गया है कि यह प्रतिबंध दिल्ली में पंजीकृत वाहनों पर लागू नहीं होगा।