पहले चरण में मार्च तक ऑनलाइन हो जाएंगे 2002 से 2017 तक के दस्तावेज
रजिस्ट्री, वरासत, गिफ्ट, पॉवर ऑफ अटार्नी, बंटवारा डीड सब होगा ऑनलाइन
गोरखपुर। जमीन के दस्तावेजों की जांच के लिए अब 12 साला रजिस्टर में रिकॉर्ड खोजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रजिस्ट्री विभाग के सारे दस्तावेज ऑनलाइन हो जाएंगे। दो चरणों में यह प्रक्रिया की जा रही है। पहले चरण में वर्ष 2002 से 2017 तक के दस्तावेज मार्च तक ऑनलाइन कर दिए जाएंगे। इसके बाद वर्ष 90 से 2001 का रिकॉर्ड अपलोड किया जाएगा।
रजिस्ट्री विभाग में जमीनों की रजिस्ट्री, गिफ्ट, पॉवर ऑफ अटार्नी, बंटवारा, वरासत आदि के सारे दस्तावेजों का ऑनलाइन किया जाएगा। इसके ऑनलाइन होने के बाद कोई भी व्यक्ति किसी दस्तावेज की जानकारी वेबसाइट पर देख सकेगा। इससे जमीनों के फर्जीवाड़ा पर तो रोक लगेगी ही जानकारी के लिए लोगों को भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। रजिस्ट्री विभाग के डीआईजी स्टांप कार्यालय में रिकॉर्ड को ऑनलाइन किया जा रहा है। यहां 10 से ज्यादा कर्मचारी इस काम के लिए लगाए गए हैं। चौरीचौरा, खजनी और सहजनवां तहसील का रिकॉर्ड ऑनलाइन कर दिया गया है। बाकी तहसीलों का काम भी अंतिम चरण में है।
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कोट
रजिस्ट्री विभाग में पंजीकृत सभी प्रकार के दस्तावेजों को डिजिटाइजेशन कर ऑनलाइन किया जाएगा। वर्ष 2002 से 2017 तक के दस्तावेज मार्च तक ऑनलाइन कर दिए जाएंगे। जिन तहसीलों का काम बाकी है वहां मैन पावर बढ़ाया गया है।
संजय कुमार दुबे, एआईजी स्टांप
2002 से 2017 तक कहां-कितनी रजिस्ट्री
तहसील संख्या
सदर-1 154399
सदर-2 176999
खजनी 67401
बांसगांव 64432
सहजनवां 59029
चौरीचौरा 52406
गोला 64389
कैंपियरगंज 44437